जवां क्षेत्र के गांव रोहेरा में जहरीली शराब पीने से ईंट-भट्ठे में मजदूर दंपती कैलाश (52) और कलावती (50) की मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को पिता कैलाश का अंतिम संस्कार करने के बाद शुक्रवार को भाई व बहन अपनी मां कलावती का दाह संस्कार करने नुमाइश मैदान स्थित श्मशान स्थल पहुंचे। दोनों भाई-बहन फटेहाल कपड़ों में देखकर वहां मानव उपकार संस्था के कर्मचारी नूतन राजपूत और पप्पू ने उनको कपड़े खरीदने के लिए एक हजार रुपये दिए।
जहरीली शराब पीने से बिहार के गया स्थित बारहचढ़ी गांव निवासी कैलाश ने बुधवार रात दम तोड़ दिया था। बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार किया ही गया था कि रात में कैलाश की पत्नी कलावती ने भी दम तोड़ दिया। बताया गया कि दोनों पति-पत्नी ने साथ बैठकर शराब पी थी। दस वर्षीय बहन के साथ मुकेश मांझी (19) अपनी मां का शव लेकर नुमाइश मैदान स्थित श्मशान स्थल पहुंचा तो उनके कपड़े फटेहाथ थे।
जेब में रुपये नहीं, फटे-पुराने कपड़ों में देखकर अंतिम संस्कार में जुटे मानव उपकार संस्था के कर्मचारियों पप्पू और नूतन राजपूत ने एक हजार रुपये दोनों भाई-बहन को दिए। मुकेश ने बताया कि नौ महीने पहले यहां मजदूरी करने आए थे। एक हजार रुपये की दिहाड़ी पर परिवार काम करता था। माता-पिता का साया उठ गया है। अब गांव जाने का फैसला किया है।