ये है स्मार्ट काम.. दो महीने में ही खोद दी गई 1.90 करोड़ की नई सड़क
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पूरे प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी होने पर मंडलायुक्त से लेकर जिलाधिकारी तक ने सामर्थ्यवान लोगों से ऑक्सीजन कन्संट्रेटर दान करने और ऑक्सीजन प्लांट लगवाने की अपील की थी। कारण ये था कि सरकार के पास उतने संसाधन नहीं थे। संसाधन पैसों की किल्लत से नहीं जुट सके। वहीं सरकारी पैसों की बर्बादी कैसे होती है...? इसका दृश्य क्वार्सी चुंगी से केलानगर चौराहे की सड़क पर देखा जा सकता है। लगभग 1400 मीटर लंबी और छह मीटर चौड़ी इस सड़क का निर्माण नगर निगम ने कराया था। इसका निर्माण एक करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से धीरज कंस्ट्रक्शन ने किया था। मार्च 2021 में इसका निर्माण कार्य पूरा हुआ था। जून के पहले सप्ताह में इसको खोद दिया गया। नगर निगम और जल निगम दोनों स्मार्ट सिटी के तहत काम कर रहे हैं। विभागीय तालमेल नहीं होने से कुछ इसी तरह से स्मार्ट सिटी का काम हो रहा है। एक तरफ बनाओ, दूसरी ओर से तोड़ दो।
नगर निगम जनसंपर्क विभाग ने शुक्रवार को बताया कि उनकी ओर से पूरे शहर में चलाए जा रहे गड्ढामुक्त सड़क अभियान की प्रदेश के नगर विकास विभाग ने इंस्टाग्राम पर प्रशंसा की है, लेकिन नगर निगम प्रशासन क्वार्सी चुंगी से केलानगर तक बनी नई सड़क को दो महीने में खोदने के बाबत किसी मीडिया प्लेटफार्म पर कुछ नहीं बता रहा कि आखिर पैसों की बर्बादी का ये कौन सा तरीका है..?