शाहजमाल ईदगाह के बाहर जलभराव का नजारा।
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मंगलवार की मूसलाधार बारिश के बाद बुधवार को भी शहर के कई हिस्सों में जलभराव रहा। महापौर कार्यालय, सहित जिला अस्पताल के सीएमएस के आवास में भी पानी भरा रहा। सासनी गेट माहेश्वरी इंटर कालेज के पीछे मैदान में भरे पानी में बिजली विभाग के रखे पीवीसी पाइप पानी में तैरते रहे, जिन पर बच्चे खेलते रहे। हालांकि यह जोखिम भरा था।
मंगलवार को तेज बारिश के बाद बुधवार को भी गूलर रोड पर शक्ति नगर, मित्र नगर, सराय लबरिया, सराय हकीम सहित कई इलाकों से पानी निकालने का काम जारी रहा। माहेश्वरी इंटर कालेज के मैदान में बिजली विभाग ने अस्थायी स्टोर बना रखा है। यहां पर पानी भरने से पीवीसी के पाइप पानी में तैरने लगे। इसके अलावा गुरुद्वारा रोड, कचहरी रोड, पान दरीबा, श्याम नगर, भुजपुरा, सराय मियां, चरखवलान आदि इलाकों में नालियों से उफन कर आई कीचड़ और गंदगी सड़कों पर फैलने से परेशानी रही।
सेंटर प्वाइंट, मैरिस रोड चौराहे पर स्मार्ट सिटी के काम के लिए खोदे गए गड्ढों में भरा पानी और उससे हुई कीचड़ लोगों के लिए मुसीबत बन गई। यहां पर बिजली की अंडर ग्राउंड केबल बिछाने के लिए जमीन को खोदा गया है। उससे पहले नाले बनाने के लिए खुदाई हुई थी। यह काम इतनी धीमी गति से हुए कि यहां के लोगों के लिए नासूर बन गए। इसके चलते रास्ता भी संकरा हो गया।
जलभराव वाले इलाकों में संक्रामक रोगों का खतरा
बारिश के बाद जलभराव वाले इलाकों में अब संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा हो गया है। जिला मलेरिया विभाग ऐसे इलाकों में दवा छिड़काव की तैयारी कर रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी इन क्षेत्रों में पानी के उपयोग को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि जलभराव समाप्त होने के बाद तुरंत ही वहां सफाई की व्यवस्था होना सुनिश्चित करें और संभव हो तो टीम के आने से पहले कीटनाशक दवा का छिड़काव भी कर दें।
कचहरी रोड पर हुए जलभराव में होकर गुजरते लोग।- फोटो : CITY OFFICE