मानसून की आहट होने लगी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 15 और 16 जुलाई को छिटपुट बूंदाबांदी के आसार हैं। कहीं-कहीं अच्छी बारिश भी हो सकती है, लेकिन ये मानसून की बारिश नहीं है। ये प्री मानसून कहा जाएगा। असल में मानसून अलीगढ़ में एक महीने के बाद ही 15 जुलाई के बाद ही बरसेगा। यही नहीं अगस्त में मूसलाधार बारिश हो सकती है। जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। एएमयू के भूगोल विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर अतीक अहमद सिद्दीकी कहते हैं कि पहले चक्रवाती तूफान ताउते और बाद में यास के कारण मानसून के लिए जरूरी दबाव बनने में वक्त लग रहा है। अगर ये दोनों तूफान नहीं आते तो मानसून कुछ पहले ही सक्रिय हो जाता। लेकिन अब ऐसा होने के आसार बहुत कम है।
प्रो. सिद्दीकी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 22 जून के बाद मानसून के आने की उम्मीद है, लेकिन पश्चिमी क्षेत्र विशेष रूप से अलीगढ़ में ये देरी से पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि इस बार पहले की तुलना में कुछ अच्छी बारिश की उम्मीद बन रही है। जिससे अलीगढ़ और आसपास में वर्षाजल की कमी नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में गर्मी और उमस बढ़ेगी। आंशिक रूप से बादल भी छाये रहेंगे।