ट्रेन लेट होने से यात्रियों के कई काम बिगड़ जाते हैं, लेकिन यूपी की वेटलिफ्टिंग टीम के चार खिलाड़ियों के तो अरमान ही आंसुओं में बह गए। उन्हें समय से चलने के बावजूद ट्रेन समय से नहीं मिली और रेलवे स्टेशन पर रात बितानी पड़ी। इससे करीब 12 घंटे बाद आयोजन स्थल पर पहुंची तब तक प्रतियोगिताएं शुरू हो चुकीं थीं। चार खिलाड़ियों को खेलने से रोक दिया। इसमें अलीगढ़ की एक खिलाड़ी भी शामिल थी।
तेलंगाना के वालंगम में तीन से सात अक्तूबर तक 62वीं राष्ट्रीय स्कूली वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता चल रही है। इसके लिए प्रदेश स्तर पर 29 सदस्यीय टीम चुनी गई थी। इसमें 13 लड़कियां एवं 16 लड़के शामिल थे। प्रतियोगिता के लिए टीम फैजाबाद से रवाना होकर इलाहाबाद पहुंची। यहां से टीम को संघमित्रा एक्सप्रेस से एक अक्तूबर को तेलंगाना रवाना होना था।
कोच ऊषा तिवारी के मुताबिक ट्रेन करीब 12 घंटे लेट हो गई। इसके चक्कर में टीम को पूरी रात स्टेशन पर ही काटनी पड़ी। इस वजह से टीम आयोजन स्थल पर प्रतियोगिता की शुरुआत वाले दिन ही दोपहर के समय पहुंच सकी। इसके चलते आयोजकों ने टीम के साथ गई चार खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने से रोक दिया।
इनमें अंडर 19 वर्ग में 48 किलोग्राम भार वर्ग की खिलाड़ी अलीगढ़ निवासी सर्वेश कुमारी, अंडर 17 वर्ग की 44 किलो वर्ग की खिलाड़ी मेरठ निवासी निकिता, अंडर 17 की मेरठ की ही ममता एवं अंडर 17 की वाराणसी निवासी सलोनी शामिल हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेन लेट होने के बाबत आयोजकों को पहले ही बता दिया गया था। लेकिन ऐन मौके पर उन्होंने एक न सुनी। इसके चलते चारों खिलाड़ी तमाम तैयारियों के चलते अपनी प्रतिभा दिखाने से वंचित रह गईं।
मेरी खिलाड़ी बहुत अच्छा प्रदर्शन करतीं, लेकिन रेलवे की वजह से लेट हो गए, वहां आयोजकों को ट्रेन लेट होने के बारे में बताया, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी और खिलाड़ियों को खेलने नहीं दिया। इससे खिलाड़ियों को काफी नुकसान हो गया।
-ऊषा तिवारी, कोच वेटलिफ्टिंग