फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ : होली पर परिवार में झगड़ा, बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या का आरोप

Mon, 29 Mar 2021 10:20 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के हरदुआगंज इलाके के गांव किढ़ारा में सोमवार दोपहर होली की धूल के दिन परिवार में ही हुए झगड़े में भतीजा चाचा और उसके परिवार पर हमलावर हो गया। 
विज्ञापन


इस दौरान बुजुर्ग चाचा की मौत हो गई। घटना को लेकर परिवार नशे में धुत भतीजे व उसके दोस्तों पर पीट-पीटकर हत्या का आरोप लगा रहा है। मगर पुलिस का कहना है कि शरीर पर कोई जाहिरा चेट का निशान नहीं है। 

बुजुर्ग की धक्का मुक्की में गिरने से मौत हुई है। हृदयाघात का भी अंदेशा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। हुआ यूं कि गांव किढ़ारा निवासी 70 वर्षीय महावीर सिंह सात भाइयों में सबसे बड़े थे। महावीर सिंह के बेटे सुरजीत का आरोप है कि हमारे पांचवें नंबर के चाचा देवराज का बेटा लकी अपने दोस्तों संग स्कार्पियो पर हूटर बजाते हुए दोपहर करीब ढाई बजे हमारे दरवाजे पर आ गया और वहीं खड़े होकर शराब पीने लगा। 
विज्ञापन


जब हमने विरोध किया तो उसने सबसे पहले सुरजीत के साथ मारपीट की। इसी बीच घर से महावीर सिंह निकल आए तो उन्हें भी मारपीट कर जमीन पर पटक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इस सूचना पर पुलिस के पहुंचने से पहले हमलावर भाग गए। 
विज्ञापन

किसी तरह पुलिस ने घर में घुसकर तलाशी ली, मगर कोई नहीं मिला। इस दौरान पुलिस को महिलाओं ने वह स्कार्पियो भी नहीं ले जाने दी, जिसमें हमलावर सवार थे। एसपी देहात शुभम पटेल का कहना है कि मौत धक्का मुक्की में गिरने या हृदयाघात से होने का अंदेशा है। चूंकि शरीर पर कोई चोट नहीं है। फिर भी पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिवार से तहरीर मांगी गई है। पोस्टमार्टम व तहरीर के आधार पर कार्रवाई होगी। बुजुर्ग को पहले भी हृदयाघात हो चुका है।

दोनों परिवारों में चल रही यह दो रंजिश
परिवार के अनुसार, महावीर सिंह के पिता 30 बीघा जमीन छोड़ गए थे। सातों भाइयों में इस जमीन को लेकर आपस में खींचतान थी। इस विवाद में पूर्व में कई बार झगड़े हो चुके हैं और मुकदमे भी दर्ज हुए हैं। छह माह पहले भी झगड़े में सात-आठ लोग शांति भंग में पाबंद किए गए थे। 

दो माह पहले सबसे छोटे भाई रामबाबू पर फायरिंग हुई थी। उसमें भी लकी पर ही आरोप लगा था। इधर, इस परिवार में महावीर सिंह व रामबाबू एक पक्ष हैं और बाकी भाई एक पक्ष हैं। अब प्रधानी में भी दोनों पक्षों से दावा ठोका जा रहा था। दूसरे पक्ष से रामबाबू व महावीर पर यह दबाव बनाया जा रहा था कि वह अपने प्रत्याशी को चुनाव में खड़ा न करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें