ऑनलाइन कार्यशाला में संबोधन करते एएमयू कुलपति व अन्य।
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली के डीन प्रोफेसर रमेश जी गौड़ ने शोधकर्ताओं से साहित्य की समीक्षा के साथ-साथ नई शोध समस्याओं पर काम करने का आग्रह किया है।
उन्होंने डेटा संग्रह के लिए पत्र लेखन उत्कृष्ट शोधकर्ताओं के साथ सहयोग और शीर्ष सम्मेलनों में इसको प्रस्तुत करने का सुझाव दिया है। वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान फैकल्टी की ओर से आयोजित गुणवत्ता अनुसंधान और प्रकाशन नैतिकता विषय पर आयोजित ऑनलाइन कार्यशाला में संबोधन कर रहे थे।
एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा गुणवत्ता अनुसंधान गुणवत्ता प्रमाण के लिए एक अग्रदूत है। फैकल्टी सदस्यों और अनुसंधान वैज्ञानिकों को विद्वानों की दुनिया में उत्कृष्ट पहचान बनाने के लिए शोध में मात्रा के बजाय गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालयों की रैंकिंग बढ़ाने में गुणवत्ता पूर्ण प्रकाशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के निदेशक अजय कुमार गुप्ता, सामाजिक विज्ञान फैकल्टी के डीन प्रोफेसर निसार अहमद खान, कार्यशाला के समन्वयक प्रोफेसर नौशाद अली पीएम, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एम मधुसूदन, राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर उपेंद्र चौधरी, संयुक्त अरब अमीरात की दुबई स्थित जायद यूनिवर्सिटी के लाइब्रेरियन निकेश नारायणन आदि ने संबोधन किया। कार्यशाला में तीन तकनीकी सत्रों के साथ विभिन्न भारतीय और विदेशी विश्वविद्यालयों के 683 से अधिक विद्वानों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया।