कोरोना वायरस की दहशत के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के नाम संबोधन से पहले ही लोगों ने यह अनुमान लगा लिया था कि हो न हो, वह कुछ बाजार बंद या काम बंद जैसा जरूर कहेंगे। इसके चलते शाम से ही अचानक बाजारों में भीड़ देखने को मिल गई थी। सबसे अधिक लोग दैनिक उपयोग व राशन की दुकानों पर खरीदारी करते देखे गए थे। महावीरगंज, किलाटगंज व ऊपरकोट से जुड़े मुस्लिम बाजारेां में तो दैनिक प्रयोग व राशन की दुकानों पर देर रात तक खरीदारी होती देखी गई। इसे लेकर लोग यही कह रहे थे कि देश के नाम संबोधन में मोदी जी ने जरूर एक दिन जनता कर्फ्यू का आह्वान किया है। मगर, यह प्रयोग है और हो सकता है कि आगे इस बंदी को दो-चार दिन बढ़ाया जा सके।
कोरोना वायरस का यह तीसरा चरण चल रहा है, जो सबसे घातक बताया जा रहा है और एक पखवाड़े तक यह चरण जारी रहेगा। हालांकि, सरकारी स्तर पर इससे निपटने के जो प्रयास किए जा रहे हैं, उससे ज्यादा लोगों को इस बात की सलाह दी जा रही है कि वह घरों से न निकलें। ज्यादा जरूरी हो तभी घर से निकलें। इसी बीच बृहस्पतिवार शाम पीएम मोदी के संबोधन की खबर मिलने पर लोग यह समझने लगे थे कि हो न हो प्रधानमंत्री राष्ट्र से बाजार बंद या काम बंद जैसा कुछ आह्वान जरूर करेंगे। हुआ भी यही, बस बात में इतना अंतर रहा कि प्रधानमंत्री ने एक दिन यानि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया और लोगों से आम दिनों में भी बेवजह घरों से न निकलने का आह्वान किया है।
इसी संदेश के बीच बाजारों में खरीदारी बढ़ गई। थोक किराना व राशन बाजार महावीर गंज, किलाटगंज व ऊपरकोट पर अचानक से भीड़ बढ़ गई। कनवरीगंज के थोक व्यापारी पवन वार्ष्णेय किराना के अनुसार सामान्य दिनों में बाजार में इस तरह की खरीदारी नहीं हो रही थी। मगर, बृहस्पतिवार शाम से देर रात तक सामान्य से अधिक खरीदारी हुई है। कमोबेश यही स्थिति रामघाट रोड पर थी। स्वर्ण जयंती नगर के थोक व फुटकर विक्रेता आकाश ननवानी ने स्वीकारा है कि बृहस्पतिवार शाम को बाजार में भीड़ बढ़ी है और खरीदारी भी आम दिनों से अधिक हुई है।