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मकानाें की अर्थिंग कराएं, जान-माल के नुकसान से बचें

Tue, 19 Jul 2016 01:17 AM IST
तरुण प्रताप सिंह
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मकानाें की अर्थिंग कराएं, जान-माल के नुकसान से बचें
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थोड़े से पैसे बचाने या अज्ञानतावश में लोग बिजली के हादसे हो रहे हैं। बारिश के दिनों में बिजली के हादसों में और भी इजाफा हो रहा है। लेकिन मकानों में अगर अर्थिंग करा ली जाए तो जनहानि से बचा जा सकता है। इतना ही नहीं तेज वोल्टेज आने पर उपकरण फुंकने की समस्या से भी निजात मिल जाएगी। इस मौसम में हो रहे बिजली के हादसों को लेकर मुख्य अभियंता बीएस गंगवार ने लोगों से मकानों में अर्थिंग और एमसीबी लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने संयोजन ले रखे हैं या संयोजन लेने वाले हैं, वह मकानों में अर्थिंग करा लें। इसके अलावा उन्होंने मकानों में एमसीबी भी लगाने की सलाह दी।
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मुख्य अभियंता ने बताया कि पहले संयोजन लेने से पहले बीएस फॉर्म भरवाया जाता था, जिसमें मकानों की अर्थिंग और लोड व उपकरणों की जानकारी दी जाती थी। लेकिन वर्तमान में विभाग ने बीएल फॉर्म की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है, जिससे मकानों में अर्थिंग आदि की जानकारी ही नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि अगर मकानों में एमसीबी लगी है तो कोई भी फॉल्ट आने पर सिस्टम स्वत: ही बंद हो जाता है। यहां बता दें कि अर्थिंग पाइपों के द्वारा वाटर लेबल तक कराई जाती है, जिससे करंट जमीन में चला जाता है।
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अर्थिंग से यह हैं फायदे
a अर्थिंग वाटर लेबल तक होती है, इससे करंट आने पर वह जमीन में चला जाता है
a शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से करंट आने पर भी उपकरणों को फुंकते नहीं
a अर्थिंग और एमसीबी है तो करंट आने पर सिस्टम स्वत: ही बंद हो जाएगा

 
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