यूपी के अलीगढ़ के कोतवाली क्षेत्र के सराय कुतुब हजीरा में 600 साल पुराने एक धर्मस्थल का गुंबद गिर गया। इससे चार लोग घायल हो गए। गिरा हुआ गुंबद सोने का है।
यह बात फैलते ही मौके पर भगदड़ मच गई। खींचतान में लोगों के कपडे़ फट गए। कई लोगों को खरोंचे भी आईं। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने गुंबद को अपने कब्जे में ले लिया। उसका कहना है कि गुंबद किस धातु का है, उसका सत्यापन कराएंगे। साथ ही इसे फिर से स्थापित भी किया जाएगा। चूंकि गुंबद के 600 साल पुराना होने का दावा किया जा रहा है, इसलिए भारतीय पुरातत्व विभाग को भी सूचना दे दी गई है।
सराय कुतुब हजीरा में एक धर्मस्थल है। इससे लगे आसपास कई घरगुंबद पहले निर्माण की दीवार पर गिरा और बाद में दीवार के मलबे सहित आसपास के मकानों पर गिर पड़ा। इस हादसे में आसपास के मकानों में रह रहे अकरम (10), मुनीषा (55), अल्फिसा (3) और भी हैं। यह धर्मस्थल बेहद पुराना होने के साथ ही अपने आप में इतिहास भी समेटे है। लेकिन बंद पड़े होने के चलते उपेक्षित है।
सोमवार सुबह करीब 8.30 बजे तेज बारिश के चलते इस धर्मस्थल का बेहद भारी भरकम समीर घायल हो गए। इस बीच, किसी की नजर पीली धातु के गुंबद पर पड़ी तो लोग सोना समझ उस पर झपट पड़े। सोने की चर्चा होते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई और आपस में गुंबद को हथियाने के लिए खींचतान होने लगी। सूचना पर सीओ प्रथम सहित अन्य पुलिस बल पहुंच गया और गुंबद को कब्जे में ले लिया। इसके बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी।
गुलाम वंश के समय का हो सकता है गुंबद
अगर यह गुंबद बताए गए दावे के मुताबिक 600 साल पुराना है, तो यह गुलाम वंश के समय का हो सकता है। सबसे पहले इसके काल का ही निर्धारण करना होगा। इसके बाद निर्माण का अध्ययन होगा। इसके माध्यम से उस समय की गतिविधियों और शैली के विषय में पता चल सकता है।
‘गुंबद किसी पीली धातु का है। वह क्या है, इस बात का सत्यापन कराया जाएगा। गुंबद को उसी स्थान पर स्थापित कराया जाएगा।’
- राजकुमार, सीओ प्रथम