शाहजमाल ईदगाह के सामने धरने पर बैठीं महिलाएं एक बार फिर से मंगलवार रात को कैंडल मार्च निकालने पर अड़ गईं। पुलिस-प्रशासन ने इसकी अनुमति न देते हुए महिलाओं को बैरिकेडिंग के अंदर रहकर की शांतिपूर्ण धरना करने की नसीहत दी तो वह उग्र हो गई और नारेबाजी करने लगी। इसके बाद विरोध स्वरूप महिलाओं ने एक-एक कर धरना स्थल पर ही मोमबत्तियां जलानी शुरू कर दीं। साथ ही वहां मौजूद एएमयू की छात्राओं ने कुरान शरीफ की आयतें पढ़ना शुरू कर दीं। आयतें खत्म करने के बाद उन्होंने जोरदार नारेबाजी की।
एएमयू की छात्राओं और महिलाओं ने पिछली बार की तरह फिर से कैंडल मार्च निकालने की जिद के साथ ही शाहजमाल को शाहीन बाग बनाना है इंशाल्लाह-इंशाल्लाह, इंकलाब जिंदाबाद और नारी ही दिलाएगी आजादी जैसे नारे लगाने शुरू किए तो पुलिस-प्रशासन के हाथ पांव फू ल गए। इधर, महिलाओं का जमावड़ा लगातार रात 8:30 बजे के बाद धरना स्थल पर एकाएक बढ़ गया। इसमें पुरुष भी शामिल हो गए।
पुलिस ने कुछ लोगों को रोका भी मगर भीड़ के उग्र होने की आशंका को देखते हुए उन्होंने अपने कदम पीछे खींच लिए। रात नौ बजे करीब भीड़ बढ़ने की सूचना जैसे ही अधिकारियों को दी गई उन्होंने तत्काल शाहजमाल में अतिरिक्त पुलिस बल के साथ ही आरएएफ के जवानों को भेज दिया।
रात में शाहजमाल ईदगाह पर धरने पर बैठी महिलाएं।- फोटो : CITY OFFICE