गांव नगौला निवासी 32 वर्षीय मुकेश कुमार की करंट लगने से मौत के बाद दूसरे दिन बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पावर हाउस पर शव रखकर प्रदर्शन किया। आर्थिक सहायता और जांच के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार कराया गया।
ग्रामीणों ने बताया है कि मुकेश दो साल से कासिमपुर बिजलीघर पर एक कंपनी के ठेकेदार के अधीन संविदा पर लाइनमैन के रूप में कार्यरत था। सोमवार को वह साईं बाबा मंदिर के पास शटडाउन लेकर बिजली लाइन की मरम्मत के लिए खंभे पर चढ़ा था। आरोप है कि इसी दौरान किसी ने लाइन चालू कर दी, जिससे वह करंट की चपेट में आकर नीचे गिर पड़ा।
गंभीर हालत में उसे अलीगढ़ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार शाम उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने पावर हाउस के गेस्ट हाउस पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा, पत्नी को नौकरी, पेंशन, घटना की उच्चस्तरीय जांच तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
अधीक्षण अभियंता पुष्पेंद्र राजपूत, अधिशासी अभियंता उमेश श्रीवास्तव, जेई आशीष श्रीवास्तव, सहायक अभियंता जयनेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारियों और ठेकेदार शौकत अली ने परिवार व ग्रामीणों से बात की। करीब तीन घंटे बाद अधिकारियों ने पांच लाख रुपये एनईएफटी, पांच लाख रुपये का चेक तथा बीमा मद से 10 लाख रुपये दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और अंतिम संस्कार कराया गया।
पत्नी को तत्काल पांच लाख दिए
स्थानीय निवासी सचिन व अनूप शर्मा ने बताया है कि मृतक की पत्नी के खाते में तत्काल पांच लाख रुपये भेजे गए हैं व पांच लाख का चेक दिया गया। इसके अलावा दस लाख रुपये का एक अन्य चेक दिया गया है जो 10 लाख रुपये बीमा राशि मिलने के बाद वापस ले लिया जाएगा। अधिकारियों ने घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन भी दिया। समझौते के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर अंतिम संस्कार किया।