छत्तीसगढ़ पुलिस में तैनात महाराज सिंह की उपचार के दौरान मौत हो जाने पर परिजनों व ग्रामीणों ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मथुरा अड्डा स्थित चौ. चरण सिंह स्मारक से कैंडल मार्च निकाला। परिजनों ने धरना प्रदर्शन करते हुए उक्त अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
रोडवेज बस स्टैंड के निकट एक निजी अस्पताल के सामने पहुंचकर मार्च धरना प्रदर्शन में तब्दील हो गया। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही सादाबाद विधायक गुड्डू चौधरी भी पहुंच गए। बता दें कि छत्तीसगढ़ पुलिस में तैनात गांव गढ़ी हर्रूप नौगांव निवासी महाराज सिंह 19 नवंबर को छुट्टी पर घर आए थे। इसी दौरान उन्हें ठंड से बुखार आ गया। भाई महीपाल सिंह ने बताया कि बुखार आने पर वह 20 नवंबर को सादाबाद के एक निजी अस्पताल में अपना उपचार कराने के लिए गए। तीन दिन उनका उपचार किया गया। जिससे उनका शरीर पीला पड़ गया। आरोप है कि उपचार के दौरान उनकी हालत खराब हो गई।
24 नवंबर को हालत खराब होने पर उनको उपचार के लिए आगरा के निजी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उनकी मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही व गलत उपचार की वजह से ही उनकी मौत हुई। धरना प्रदर्शन में शामिल लोग डॉक्टर और अस्पताल पर कार्रवाई की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे एसडीएम, सीओ, कोतवाल आदि ने धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की। विधायक गुड्डू चौधरी ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
शाम को सीएमओ डॉ. राजीव राय, एसीएमओ डॉ. मधुर, एसीएमओ एम आलम व सादाबाद सीएचसी प्रभारी डॉ. सुमित चौहान भी पहुंच गए। बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा फिलहाल, तीन दिन में पूरे मामले की जांच कर लगाए जा रहे आरोपों की जांच की जाएगी, इसके लिए जांच समिति का गठन भी किया गया है।
इस मौके पर किसान नेता धर्मेंद्र चौधरी, जिपं सदस्य ईशान चौधरी, भूरा पहलवान, सचिन पचहरा, प्रदीप चौधरी व भारतीय किसान मजदूर यूनियन के पदाधिकारी आदि थे।