तहसील खैर में अधिवक्ताओं ने निबंधन कार्यालय निजीकरण बहिष्कार आंदोलन के समर्थन में मंगलवार को प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने राजस्व राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर का घेराव कर प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस लेने की मांग उठाई।
दि सिविल बार एसोसिएशन, तहसील खैर के बैनर तले अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए ऑनलाइन एवं निजीकरण आधारित निबंधन प्रक्रिया का विरोध किया। अधिवक्ताओं ने मंत्री को ज्ञापन सौंपकर कहा कि रजिस्ट्री प्रक्रिया को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और कंप्यूटर ऑपरेटरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि नई व्यवस्था लागू होने से विवादों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। उन्होंने सरकार से जनहित और लाखों परिवारों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री एवं निजीकरण व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की।
राजस्व राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और चिंताओं से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया जाएगा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने खैर तहसील से जुड़े प्रशासनिक मुद्दे भी उठाए और उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के स्थानांतरण की मांग की।
प्रदर्शन में दि सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिशुपाल शर्मा, महामंत्री अनूप गिरि गोस्वामी, विनोद कुमार शर्मा, बृजवासी लाल सारस्वत, मदन मोहन गौतम, संजय सरस्वत, आनंद गौतम, जितेंद्र गौतम आदि थे।