फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नागरिकता कानून के विरोध में एएमयू शिक्षक व कर्मचारी सड़कों पर

विज्ञापन
एएमयू बाब ए सैय्यद गेट पर जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन करते शिक्षक शिक्षिकाएं। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। शनिवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) ने इस कानून के खिलाफ कैंपस में प्रोटेस्ट मार्च निकाला। साथ ही प्रशासन को ज्ञापन भी दिया।
विज्ञापन

शनिवार को अमुटा के सचिव प्रो. नजमुल इस्लाम के नेतृत्व में सभी शिक्षक स्टाफ क्लब से मौलाना आजाद लाइब्रेरी, होकर पुरानी चुंगी के गेट पर पहुंचे। यहां से फिजिक्स विभाग, इंजीनियरिंग कॉलेज, दीनियात विभाग, आर्ट फैकल्टी, मॉस कम्यूनिकेशन विभाग से होकर बाब ए सैयद गेट पहुंचे। यहां पर उन्होंने एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह व अन्य अधिकारियों से बात की। तय हुआ कि स्टाफ क्लब पर ही ज्ञापन दिया जाएगा। इस अवसर पर अमुटा के पदाधिकारियों सहित डॉ. नज्म खलिक, प्रो. आफताब आलम, डॉ. मोहिबुल हक, डॉ. नोमान तारिक, डॉ. नाजिश बेगम, मो. इरशाद खान, डॉ. मो. अयाज, डॉ. दानिश मेहमूद, डॉ. अब्दुर रहमान आदि शिक्षकगण मौजूद थे।
टेक्निकल स्टॉफ एसोसिएशन ने भी मार्च निकाला
अलीगढ़। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शनिवार को टेक्निकल स्टाफ एसोसिएशन ने भी कैंपस में मार्च निकाला। ये लोग कैंपस में पुरानी चुंगी वाले गेट पर इकट्ठा हुए। इनके हाथों में नागरिकता कानून वापस लेने, इसे रद करने संबंधी पोस्टर बैनर लगे थे। ये लोग पुरानी चुंगी से भौतिकी विभाग, कंप्यूटर साइंस, इंजीनियरिंग कालेज, दीनियात विभाग, आर्ट फै कल्टी होकर बाब ए सैयद पर पहुंचे। यहां पर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह को सौंपा गया।
विज्ञापन

छात्राओं का धरना भी जारी रहा
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली स्थानीय छात्राओं ने शनिवार को भी बाब ए सैयद गेट पर पहुंच कर धरना दिया। उनके हाथों में बैनर पोस्टर भी थे। मौके पर प्रॉक्टर टीम भी मौजूद रही। छात्राओं की दलील है कि नागरिकता कानून को लेकर एएमयू छात्र शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे। लेकिन अचानक अवकाश घोषित करके उनके अभियान को कमजोर किया गया। अब वह यह धरना देकर उनके अभियान को ही आगे बढ़ा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें