अलीगढ़ः एएमयू बाब ए सैय्यद पर धरने पर बैठी छात्राएं।
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नागरिकता संशोधन कानून और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) छात्रों पर बीते रविवार को हुई कार्रवाई की मुखालफत के बीच शनिवार को अलीगढ़ शहर अमन की ओर लौटता दिखा। दिन में किसी भी इलाके से कोई अप्रिय सूचना तो नहीं आई मगर जबरदस्त तनाव और सुरक्षा इंतजामों के बीच बाजारों में भीड़ नहीं दिखाई दी। वहीं, एएमयू में अमुटा द्वारा विरोध मार्च निकाला गया। इधर, जिले में इंटरनेट सेवाएं शनिवार रात 12 बजे से शुरू करने का फैसला लिया गया। स्कूलों को खोलने को लेकर रविवार शाम को निर्णय लिया जाएगा। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद शाहजमाल में हुए बवाल के आरोपियों को चिह्नित करने का काम जारी है। वीडियो व फोटो से जो चेहरे स्पष्ट हुए हैं, उनके फोटोयुक्त पोस्टर शहर में जगह-जगह चस्पा किए जा रहे हैं।
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ अमुटा के आह्वान पर एकत्रित प्रोफेसरों ने कैंपस में विरोध मार्च निकाला। इस दौरान स्टाफ क्लब पर प्रोफेसरों के बीच पहुंचकर एसएसपी आकाश कुलहरि ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान हुए संवाद में प्रोफेसरों ने परिसर में फोर्स के प्रवेश पर कड़ी नाराजगी जताई। इसके अलावा शहर में किसी भी इलाके में कोई विरोध प्रदर्शन या अन्य तरह की घटना की सूचना नहीं मिली। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने कहा है कि अभी प्रदेश में बने हालात के मद्देनजर सुरक्षा इंतजाम ज्यों के त्यों रहेंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए शहर में रेड अलर्ट के तहत दंगा नियंत्रण स्कीम प्रभावी रहेगी। मजिस्ट्रेटों व फोर्स की तैनाती ज्यों की त्यों रहेगी। हालांकि इंटरनेट सेवाएं शनिवार रात 12 बजे से शुरू हो जाएंगी और स्कूलों के खुलने के विषय में रविवार शाम को निर्णय लिया जाएगा। जरूरत महसूस हुई तो स्कूलों की छुट्टी बढ़ाई भी जा सकती है।
शहर लगातार अमन की ओर लौट रहा है। पुलिस अधिकारियों की टीमें लोगों में विश्वास पैदा करने और जो लोग अमन बनाने में मदद कर रहे हैं, उन्हें भरोसा दिलाने में लगाई गई हैं। किसी का कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उत्पातियों को चिह्नित कर उन्हें सामने लाने के लिए भी अलग टीमें काम कर रही हैं।
-डॉ. प्रीतिंदर सिंह, डीआईजी रेंज