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‘सुुप्रीम’ फैसला न आने से प्रदर्शनकारियों को राहत, पुलिस-प्रशासन असमंजस में

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शाहजमाल ईदगाह पर सीएए के विरोध में धरने पर बैठीं महिलाएं। - फोटो : CITY OFFICE
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सीएए और एनआरसी के विरोध में शाहजमाल ईदगाह के सामने जारी धरना-प्रदर्शन के 20 वें दिन यानी सोमवार को प्रदर्शनकारियों की निगाह सुप्रीम कोर्ट में हुई शाहीन बाग प्रकरण की सुनवाई पर टिकी रही। धरना हटाने के संबंध में सीधे तौर पर फैसला न आने से प्रदर्शनकारियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, पुलिस-प्रशासन असमंजस में है। चर्चा है कि शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से वार्ता के लिए मध्यस्थता टीम तो बना दी गई है। मगर, शाहजमाल में प्रदर्शनकारियों को कौन समझाएगा, क्योंकि स्थानीय स्तर पर वार्ता के तमाम प्रयास पहले ही विफल हो चुके हैं।
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इधर, धरना प्रदर्शन का 20वां दिन भी शांतिपूर्ण तरीके से गुजरा। हालांकि पिछले कुछ दिनों की अपेक्षा भीड़ अधिक रही। महिलाओं ने सड़क पर नमाज पढ़ी। नमाज के बाद शाम को दुआ भी हुई। एएमयू छात्राओं की ओर से भीड़ में जोश भरकर नारेबाजी कराने का प्रयास किया गया। शाम करीब सात बजे महिलाओं ने नारेबाजी भी की। पुलिस भी महिलाओं की सुरक्षा में तैनात रही। प्रदर्शनकारियों को हटाने में नाकाम रहे अधिकारियों ने अब शाहजमाल के धरना प्रदर्शन को शाहीन बाग पर छोड़ दिया है। अधिकारियों का मानना है कि जिस दिन शाहीन बाग को लेकर कोई निर्णय होगा, शाहजमाल का धरना खुद ब खुद ही खत्म हो जाएगा।
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