सीएए, एनआरसी, एनपीआर के विरोध में...
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सीएए, एनआरसी, एनपीआर के विरोध में शाहजमाल ईदगाह के सामने जारी धरना प्रदर्शन के 12वे दिन यानि रविवार की दोपहर शहर मुफ्ती मो. खालिद हमीद पहुंचे। उन्होंने महिलाओं से सड़क से हटकर ईदगाह के भीतर बैठ धरना देने का अनुरोध किया। इस अनुरोध को कुछ लोग मान गए तो कुछ लोगों ने ठुकरा दिया। करीब 20 मिनट तक वहां हंगामे की स्थिति बनी रही।
आखिरकार महिलाओं और उनके समर्थन में आए पुरुषों ने एकसूत्र में कह दिया कि वह धरना सड़क पर ही देंगे। यहां से किसी भी कीमत पर नहीं हटेंगे। इस दौरान जोरदार नारेबाजी भी हुई। हारकर शहर मुफ्ती को मायूस होकर लौटना पड़ा। शहर मुफ्ती के जाने के बाद वहां एक अफवाह फैल गई कि पुलिस धरने को खत्म कराने के लिए बल का प्रयोग करने वाली है। इसको लेकर काफी संख्या में वहां महिलाएं, पुरुषों और बच्चों का जमावड़ा लग गया। एएमयू की छात्राओं की संख्या भी अचानक से बढ़ गई। देर शाम तक वहां जोरदार नारेबाजी होती रही।
रविवार को धरना प्रदर्शन सुबह से शांतिपूर्ण तरीके सेे चल रहा था। दोपहर दो बजे करीब पुलिस और प्रशासन के कहने पर शहर मुफ्ती मो. खालिद हमीद वहां पहुंचे। उन्होंने माइक से आह्वान किया कि महिलाएं अपना धरना प्रदर्शन ईदगाह के भीतर भी कर सकती हैं। वहां बैठने के लिए पर्याप्त इंतजाम करा दिए गए हैं। सड़क को खाली कर आवागमन को सुचारु होने दिया जाए। इससे वहां मौजूद महिलाओं की एक टोली तो इस बात का विरोध करने लगी। वहीं, दूसरी टोली ने उनका समर्थन किया। मगर, विरोध करने वाली टोली के दबाव में आकर उन्होंने भी अपने कदम पीछे खींच लिए। काफी देर तक इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति रही कि महिलाएं ईदगाह के भीतर जाएंगी या नहीं। अंत में महिलाओं की समर्थन में सैकड़ों पुरुष भी पहुंच गए। उन्होंने साफ तौर पर इसका विरोध कर दिया। इससे शहर मुफ्ती मायूस होकर वहां से वापस चले गए।
कोई हथकंडा नहीं आ रहा पुलिस के काम
अलीगढ़। शाहजमाल धरना प्रदर्शन को जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं। पुलिस और प्रशासन पर धरना खत्म कराने को लेकर दबाव बन रहा है। इसी दबाव के चलते पुलिस प्रशासन ने शहर मुफ्ती वहां बुलाया था। मगर, भीड़ ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। पुलिस प्रशासन पहले दिन से धरने को खत्म कराने के तमाम हथकंडे अपना रहा है। मगर, कोई भी काम नहीं कर रहा है। इधर, शासन स्तर पर जिले की छवि लगातार खराब हो रही है। धरने को लेकर प्रशासन और पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रहा है। माना जा रहा है कि पुलिस अब जल्द ही इसे खत्म करने के लिए कोई ठोस कदम उठा सकती है।
अपना नाम तक नहीं बता रहे लोग
शाहजमाल धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों में से अब तक 1500 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। इससे पूरे देहली गेट इलाके में लोगों में इस कदर भय फैला रहा है कि वह अपना नाम तक नहीं बता रहे हैं। इधर, पुलिस इस बात से परेशान है कि उसको अधिकांश लोगों के नाम तो पता है लेकिन बलदियत और पता नहीं मालूम होने के चलते उनके खिलाफ नोटिस नहीं जारी हो पा रहे हैं।