सीएए-एनआरसी के विरोध में शाहजमाल में चल रहे धरना-प्रदर्शन का सातवां दिन तो शांतिपूर्ण रहा। मगर, शाम को नारेबाजी शुरू हो गई। दिन में महिलाओं ने धरनास्थल पर नमाज पढ़ी। शाम को एएमयू की छात्राएं धरना स्थल पर पहुंची तो वहां पर नारेबाजी शुरू हो गई। देर रात तक करीब 2000 लोगों की भीड़ धरनास्थल पर डटी रही। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर फोर्स के साथ मौजूद रहे।
बुधवार से ईदगाह के सामने शुरू हुए धरना प्रदर्शन में सातवें दिन भीड़ कुछ कम रही। पिछले छह दिन से जहां चार से पांच हजार लोगों का जमावड़ा था तो वहीं मंगलवार को दिन में सिर्फ एक- डेढ़ हजार लोग ही दिखाई दिए। इनका जोश भी कम नजर आया। बच्चे भी धरना स्थल पर दिखाई नहीं दिए। हालांकि, शाम को अचानक से भीड़ दोगुनी हो गई। प्रदर्शन में महिलाओं की संख्या बढ़ गई। शाम छह बजे तक प्रदर्शन स्थल पर करीब दो हजार महिलाओं, पुरुषों की भीड़ जमा हुई। जोरशोर से नारेबाजी भी हुई। पुलिस ने पुरुषों को धरना स्थल की ओर आने से रोक दिया तो वह बल्लियों केे पीछे खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। हालात को संभालने के लिए शाहजमाल में पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ के जवान डटे रहे।
प्रदर्शन की आड़ में हो रही रंगबाजी
शाहजमाल में जारी धरना प्रदर्शन की आड़ में अब रंगबाजी शुरू हो गई है। इलाके के खानपान प्रतिष्ठानों के संचालकों को धमकाकर वसूली के तौर पर खानपान का सामान मंगवाया जा रहा है। रंगबाजों का भय इतना हो गया है कि दुकानदार अपनी शिकायत थाना पुलिस से भी नहीं कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर को कुछ प्रदर्शनकारी युवाओं की टोली बाजारों में निकली और प्रतिष्ठान संचालकों को धरने में खानपान का सामान भेजने के लिए धमकाने लगी। कुछ दुकानदारों ने उनकी बात मान ली तो कुछेक ने विरोध किया। विरोध करने वालों के साथ अभद्रता और मारपीट जैसी घटनाएं भी हुईं। शिकायत पर दुकान फूंकने तक की चेतावनी दी गई। इसका भय इस कदर दुकानदारों में बैठा कि वह शिकायत करने पुलिस के पास जाना तो दूर मीडिया के सामने भी अपनी बात रखने के गुरेज करते रहे।
थाना इंस्पेक्टर के मुताबिक फिलहाल इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं आई हैं। शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी।
शाहजमाल में सात दिन से जारी धरना प्रदर्शन के बीच एक बार फिर से जुमे की तैयारियों को लेकर पुलिस-प्रशासन और प्रदर्शनकारियों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासन धरना स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा के इंतजामों को पुख्ता करने में लगा है। वहीं, प्रदर्शनकारी भीड़ को जुटाकर एक बार फिर से अपनी ताकत दिखाने की कोशिश में जुट गए हैं।
मंगलवार को जिस तरह से धरना प्रदर्शन के आयोजनकर्ता गायब दिखे। इससे पुलिस के कान खड़े हो गए। खुफिया तंत्र को सूचना मिली है कि वह शिक्षित वर्ग लोगों में ठंडे पड़े जोश को एक बार फिर से गर्म करने में जुटे हुए हैं। इलाके के लोगों से आह्वान किया जा रहा है कि वह अपने परिवार की महिलाओं को धरना स्थल पर भेजें, पुरुषों को काम पर जाने दिया जाए। पुरुषों को जुमे की नमाज के बाद धरना स्थल पर आना है, जिससे की वहां भीड़ जुटे और पुलिस-प्रशासन, सरकार को एक बार फिर से ताकत का अहसास हो।