फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ः शाहजमाल में सीएए के विरोध में धरना जारी, महिलाओं ने की नारेबाजी

विज्ञापन
शाहजमाल ईदगाह पर धरने पर बैठी महिलाएं। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
सीएए-एनआरसी के विरोध में शाहीनबाग की तर्ज पर शाहजमाल में चल रहा धरना प्रदर्शन को छह दिन बीत चुके हैं। मगर, प्रदर्शनकारी महिलाएं और बच्चे टस से मस नहीं हो रहे हैं। पुलिस के सामने प्रदर्शनकारी सीना ताने खड़े हैं। सोमवार को सुबह से देर रात तक धरना स्थल पर करीब 300 हजार से अधिक प्रदर्शनकारी डटे रहे। पूरे दिन रुक रुककर नारेबाजी होती रही।
विज्ञापन

बुधवार से ईदगाह के सामने शुरू हुए प्रदर्शन में भीड़ किसी भी कीमत पर कम होने का नाम नहीं ले रही है। चार से पांच हजार की संख्या में हर रोज प्रदर्शनकारी इसमें शामिल हो रहे हैं। सोमवार को प्रशासन को उम्मीद थी कि सप्ताह के पहले दिन से लोग अपने कामकाज पर लौटेंगे। इससे वहां भीड़ कम पहुंचेगी। मगर, न तो लोग कामकाज पर गए और न ही बच्चे स्कूल। वह बराबर महिलाओं के साथ खड़े दिखे। हर रोज की तरह दोपहर में यह संख्या बढ़ने लगी। महिलाओं ने धरना स्थल पर ही नमाज पढ़ी। शाम छह बजे तक प्रदर्शन स्थल पर करीब पांच हजार महिलाओं, पुरुषों का जमावड़ा लग गया। जोरशोर से हर रोज की तरह नारेबाजी हुई।
बच्चे भी प्रदर्शन में पीछे नहीं रहे। इधर, शाहीन बाग की घटनाओं से सबक लेते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर पुरुषों को महिलाओं के धरना स्थल की ओर आने से रोक दिया तो वह बल्लियों केे पीछे खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। इन हालात को संभालने के लिए शाहजमाल में पुलिस के साथ ही पीएसी और आरएएफ के जवान डटे रहे। इधर, एएमयू के कश्मीरी छात्र सज्जाद सुभान पर भीड़ को उकसाने का मुकदमा दर्ज होने का डर से एएमयू की जो छात्राएं पीछे हट गई थीं। वह सोमवार को फिर से धरने को लीड करने लगी। माइक से धरने को संबोधित करते हुए थोड़ी-थोड़ी देर में भीड़ से नारेबाजी करवाकर उनमें जोश भरती रहीं। साथ ही प्रशासन और पुलिस को भारी भरकम संख्या होने की बात का अहसास भी दिलाती रहीं।
विज्ञापन

शाहीन बाग पर टिका शाहजमाल का भविष्य
शाहीन बाग की तर्ज पर शाहजमाल ईदगाह के सामने शुरू हुए धरना प्रदर्शन का भविष्य शाहीन बाग पर टिक गया है। प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंचे अधिकारियों से उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि जब तक शाहीन बाग में प्रोटेस्ट होगा। तब तक शाहजमाल में भी ऐसी ही धरना देते रहेंगे। इससे प्रशासन आसार लगा रहा है कि शाहीन बाग को फंडिंग करने वालों की शाह पर ही यह धरना शुरू हुआ है। पुलिस यहां आने जाने वालों पर निगाह बनाए हुए है ।
जिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से शुक्रवार से धरना प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को ईदगाह के भीतर धरना देने के लिए मनाने की कोशिश जारी है। मगर, यह महिलाएं यहां से उठने को तैयार नहीं हैं और न ही धरना खत्म करने को तैयार हैं। यह धरना अब पुलिस प्रशासन के लिए गल्ले की हड्डी बनता जा रहा है। शासन लगातार इसकी रिपोर्ट तलब कर रहा है। इससे सूबे के मुख्यालय में अलीगढ़ की छवि खराब हो रही है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के मुताबिक धरना प्रदर्शन को खत्म कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। शासन को पूरे प्रकरण की रिपोर्ट भेजी जा रही है। यह हमारे लिए बड़ी सफलता है कि छह दिन से जारी धरना प्रदर्शन में किसी भी प्रकार की हिंसा को पनपे नहीं दिया गया है।
ट्रायल के मंसूबे न भांप पाना पड़ा भारी
शाहजमाल का धरना प्रदर्शन पुलिस और अधिकारियों के सामने एकाएक ही शुरू हुआ। मगर, इसकी पटकथा 21 और 22 जनवरी को रची गई थी। इन दो दिन प्रशासन से अनुमति लेकर ईदगाह के भीतर धरना दिया गया और इलाके के लोगों के भीतर के जोश और आक्रोश को भांपा गया। इस धरने को ट्रायल के तौर पर रखा गया। इसमें जुटी भीड़ को देख आयोजकों ने भीतर ही भीतर सड़क पर शाहीन बाग की तर्ज पर धरना देने की प्लानिंग तैयार कर ली। 23 जनवरी को जैसे ही ईदगाह के भीतर से धरना खत्म हुआ। घर-घर जाकर आयोजकों ने यह संदेश देना शुरू कर दिया कि अब जल्द ही इससे बड़ा धरना जो की शाहीन बाग के जैसा होगा। ठीक पांचवें दिन यानि 28 जनवरी को एकाएक उन्होंने भीड़ को जुटा लिया। जुटी भीड़ ईदगाह के सामने बिना किसी की अनुमति के धरने पर बैठ गई। तब से अब तक यह भीड़ पुलिस और प्रशासन की नाक में दम किए हुए हैं। भीतरखाने पुलिस प्रशासन में इस बात की चर्चा है कि अगर 21 और 22 जनवरी को धरने की अनुमति नहीं दी जाती तो शायद अराजक तत्व अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाते।
सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने वालों पर होगी कार्रवाई: मंडलायुक्त
सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार करने वालों के खिलाफ मंडलायुक्त ने सख्ती से कार्रवाई के आदेश दिए हैं। सोमवार को उन्होंने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए मंडल के सभी जिलों के जिलाधिकारी और एसएसपी को आदेशित किया है कि वह सोशल मीडिया अकाउंट पर नजरें बनाए रखें। किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी फैलाने वालों को तत्काल प्रभाव से कानूनी शिकंजे में कसा जाए। मंडलायुक्त गौरी शंकर प्रियदर्शी ने बताया कि शाहजमाल में जिस तरह से छह दिन से धरना प्रदर्शन जारी है। उसे समाप्त कराने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर थाना पुलिस स्तर की टीम लोगों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। माहौल खराब करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें