पार्षदों का कहना है कि ड्रोन सर्वे से न केवल खर्च बढ़ेगा, बल्कि यह नागरिकों की निजता का उल्लंघन भी हो सकता है। इसको लेकर बुधवार को पार्षद पुष्पेंद्र सिंह जादौन, कुलदीप पांडेय आदि पार्षदों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंप सर्वे का विरोध किया है। वहीं दूसरी ओर व्यापारी नेता मनीष अग्रवाल ने दोबारा सर्वे पर विचार करना चाहिए। दोबारा सर्वे से व्यापारियों पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा, जो ठीक नहीं है।
पहले हुए जीआईएस सर्वे की खामियों को सुधारने के बजाय नया सर्वे कराना जनता पर अतिरिक्त बोझ डालेगा।-कुलदीप पांडेय, पार्षद
अब ड्रोन सर्वे के नाम पर निगम फिर से लाखों रुपये खर्च करने जा रहा है। यह जनता के साथ अन्याय है। पहले पुराने डेटा को ठीक किया जाए।-पुष्पेंद्र सिंह जादौन
ड्रोन सर्वे के नाम पर निगम नागरिकों की निजता का हनन कर सकता है। सर्वे से पहले सभी पार्षदों और नागरिकों से सलाह ली जाए और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए। -संजय पंडित, पार्षद
ड्रोन सर्वे के लिए सभी हित धारकों से सलाह ली जाएगी। नागरिकों की निजता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। हमारा लक्ष्य निगम की आय बढ़ाना और शहर के विकास को गति देना है। ड्रोन सर्वे से सटीक डेटा मिलेगा। जिससे वसूली प्रक्रिया में सुधार होगा।-प्रेम प्रकाण मीणा, नगर आयुक्त