जवाहर सिंह ने अपने पड़ोस के ही सुंदर सिंह को किसी जरूरत पर 18 लाख रुपये उधार दिए थे। निर्धारित समय पर भी रुपये वापस नहीं मिले। जब जवाहर रुपये मांगने गए तो वहां उन्हें बुरी तरह से परेशान किया गया और धमकाया गया। इसी से आहत होकर जवाहर ने जहर खाकर जान दे दी।
कर्ज में दिए गए 18 लाख रुपये वापस न मिलने और तरह तरह से परेशान किए जाने से आहत प्रापर्टी एजेंट ने जहर खाकर जान दे दी। महानगर के बन्नादेवी सारसौल इलाके में हुई घटना में परिवार की ओर से कर्ज न लौटाने वाले परिवार पर परेशान करने और उसी से आहत होकर आत्महत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया है।
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घटना के अनुसार सारसौल गुरुरामदास नगर के 49 वर्षीय जवाहर सिंह रेलवे रोड पर काम करते थे। वह प्रापर्टी खरीदवाने और बिकवाने का भी काम करते थे। परिजनों के अनुसार उन्होंने अपने पड़ोस के ही सुंदर सिंह को किसी जरूरत पर 18 लाख रुपये उधार दिए थे। निर्धारित समय पर भी रुपये वापस नहीं मिले। जवाहर सिंह लगातार अपना रुपया वापस मांग रहा था। मगर सुंदर सिंह पक्ष परेशान करता आ रहा था।
18 जनवरी देर शाम जवाहर रुपये मांगने गए तो वहां उन्हें बुरी तरह से परेशान किया गया और धमकाया गया। इसी से आहत होकर जवाहर ने जहर खाकर जान दे दी। हालांकि रात में तबीयत बिगडऩे पर अस्पताल लाया गया। मगर बचाया नहीं जा सका। सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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शुरुआत में परिवार ने शराब में कुछ मिलाकर पिलाने का आरोप लगाया। मगर बाद में सुंदर सिंह व उनके परिवार पर उत्पीडऩ करने, इसी से आहत होकर आत्महत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया है। एसएचओ बन्नादेवी पंकज मिश्रा के अनुसार प्रकरण में आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा में सुंदर सिंह, उनके बेटे आदि परिजनों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। बाकी जांच व कार्रवाई की जा रही है।