रिंकू, देवेंद्र और नितेश के अनुसार गंगा में स्नान करते समय संदीप डूबने लगा। उसने बचाने की आवाज लगाई। वह लोग कुछ दूरी पर ही स्नान कर रहे थे। आवाज सुनकर वह संदीप को बचाने के लिए आगे बढ़े। वह कुछ कर पाते इससे पहले वह भी गहराई में पहुंच जाने के कारण डूब गए थे। इन तीनों को घाट पर दुकान लगाए स्थानीय गोताखोरों ने दौड़कर बाहर निकाल लिया था।
घर पर जुटे रिश्तेदार, मां का रो-रोकर बुरा हाल
खबर पाकर रिश्तेदार गांव नगरिया जाहर पहुंच गए है। डूबे संदीप का पता न चलने से मां गुड्डो देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार और रिश्तेदार महिलाएं उन्हें दिन भर ढाढ़स बंधाती रहीं।