ऑक्सीजन किल्लत के बीच जिला प्रशासन ने कोविड मरीजों का उपचार कर रहे निजी अस्पताल संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वह सात दिन में अपने यहां ऑक्सीजन प्लांट लगवाना सुनिश्चित करें। ऐसा न करने पर उनकी अनुमति को निरस्त कर दिया जाएगा। जिला प्रशासन का कहना है कि तमाम प्रयासों के बाद भी पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इसके चलते यह फैसला लिया गया है।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के मुताबिक, मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जनपद में जिन अस्पतालों को कोविड के उपचार के लिए अनुमति दी गई है। वह 7 दिन के अंदर ऑक्सीजन का प्लांट लगाना सुनिश्चित करें, अन्यथा की स्थिति में उनकी अनुमति को निरस्त कर दिया जाए। नगर मजिस्ट्रेट ऑक्सीजन की सप्लाई पर नजर रखेंगे। ऑक्सीजन के आवंटन पर कोई लापरवाही न हो।
ये हैं निजी कोविड अस्पताल
एसजेडी अस्पताल - 40 बेड
वरुण हॉस्पिटल - 24 बेड
मिथराज हॉस्पिटल - 30 बेड
मंगलायतन - 50 बेड
शेखर सर्राफ मेमोरियल हॉस्पिटल (रुसा) - 15 बेड
नारायणी अस्पताल - 40 बेड
जीवन ज्योति अस्पताल - 45 बेड