समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सुनील कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में अफसरों की क्लास ली। उन्होंने विकास कार्यो की गति पर असंतोष जताया तो राजस्व संग्रह में पिछड़ने पर विभिन्न विभागीय अफसरों को मन लगाकर काम करने की नसीहत दी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजस्व वसूली के मामले में जनपद 48वें पायदान पर है। यदि अफसर राजस्व वसूली पर ध्यान देते तो जनपद का स्थान शुरुआती दस जिलों में होता। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में महिलाओं का प्रसव सरकारी अस्पतालों में कराने पर जोर देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी एमजेड खान को निर्देशित किया कि वह आशा , एएनएम के सहयोग से महिलाओं का प्रसव सरकारी अस्पतालों में ही कराएं। किसी घर में संतान के जन्म लेने की जानकारी मिलने पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री जाकर पूरी जानकारी ले और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र अपने स्तर से संबंधित ग्राम रजिस्टर में दर्ज कराकर उसका जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर उसके घर पर नि:शुल्क देने जाये। इससे आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य विभाग पर जनता का विश्वास बढे़गा।
जिलाधिकारी राजमणि यादव ने अफसरों को प्रमुख सचिव के निर्देशों का अक्षरक्ष पालन करने को कहा। इस मौके पर मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली विभिन्न योजनाओं, विकास कार्य एवं जन हितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डीएस सचान, अपर जिलाधिकारी वित्त डा. वीके सिंह, एडीएम प्रशासन संजय चौहान, सीएमओ डा. एके राय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।