गैस सिलेंडर की आग की शिकार महिला के परिजनों को बैंक ने बीमा की राशि देने से इंकार कर दिया है। इसके लिए बैंक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं होने का बहाना बनाया जा रहा है। सांसद सतीश गौतम इस प्रकरण में पुलिस प्रशासन के रवैये से क्षुब्ध है। उनका कहना है कि वह मृतक महिला के परिजनों को बीमा की राशि दिलवा कर रहेंगे। जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी कराएंगे। भाजपा नेता योगेश वार्ष्णेय ने पूरे प्रकरण की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य से भी की है।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत पला रोड पर शिविर लगाकर महिलाओं का बीमा कराया गया था। प्रथम वर्ष की किस्त 12 रुपये का भुगतान सांसद सतीश गौतम ने किया था। इसमें थाना सासनी गेट के भगवान नगर गली नंबर 5 निवासी किरण शर्मा पत्नी दौलत राम शर्मा का भी बीमा कराया गया था। भाजपा नेता योगेश वार्ष्णेय का कहना है कि गत दिनों गैस सिलेंडर लीक होने के कारण आग लगने से किरण शर्मा बुरी तरह जल गई। उन्हें बचाने गए पति दौलत राम शर्मा, बेटे विवेक एवं सचिन भी आग की चपेट में आकर घायल हो गए थे।
उपचार के दौरान किरण शर्मा की 19 मार्च को सरकारी अस्पताल में निधन हो गया। योगेश वार्ष्णेय का आरोप है कि महिला के बुरी तरह जलने के कारण थाना सासनी गेट पुलिस ने पोस्ट मार्टम करने को परिजनों से मना कर दिया और ससुराल पक्ष से राजीनाम करने को बोल दिया।
पुलिस के डर से परिजन पोस्टमार्टम न कराने की बात मान गए और राजीनामा कर मृतक महिला को घर ले गए। बाद में जब वे लोग बैंक अधिकारी से बीमा की राशि के लिए गए तो यह कहकर उन्हें मना कर दिया गया है कि मृतक महिला का पोस्ट मार्टम रिपोर्ट जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस अधिकारी जिम्मेदार है, जिन्होंने पोस्ट मार्टम नहीं कराया।
उनकी लापरवाही के वजह से महिला के परिजनों को बीमा राशि नहीं मिल पा रहा है। योगेश का यह भी आरोप है कि पुलिस प्रशासन प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को बदनाम करना चाहती है। बीमा राशि नहीं मिला तो इस योजना पर लोग सवाल उठाएंगे।