अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय संघर्ष
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एएमयू छात्र संघ चुनाव के पहले ही अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव एवं कैबिनेट पद के 24 दिग्गज धराशायी हो गए। इन छात्र नेताओं को लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों को अमल में लाते हुए अयोग्य करार घोषित कर दिया गया। अब अध्यक्ष पद पर फैजुल हसन, मो. अबुल फरह एवं मो. रिजवान के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा।
अध्यक्ष पद के दावेदार कुंवर मोहम्मद अहमद की हाजिरी मात्र 16.66 प्रतिशत है। वहीं महबूब आलम इनायत एक मामले में फाइन जमा कर चुके है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर चार उम्मीदवार नदीम अंसारी, फरहाम अली, मो. अराफात हसन रिजवी एवं कहकशां खानम मैदान में है।
प्रबल दावेदार माने जा रहे जानिब हसन हाजिरी कम होने (54.05 प्रतिशत) के कारण अयोग्य करार दे दिए गए है। इसके साथ ही हाजिरी की वजह से मुगीज अहमद, मो. उमर को भी अयोग्य करार दे दिया गया है। मो. अजाद खान एवं मो. अकरम भी लिंगदोह की कसौटी पर खड़े नहीं उतरे। सचिव पद पर महफूज आलम, मो. शिकोह, नबील उस्मानी एवं मो. इमरान गाजी के बीच मुकाबला है।
मुकम्मिल खान, साद हसन, अदनान आमिर, बब्दुल करीम एवं सलमान अहमद को अयोग्य करार दे दिया गया है।
कैबिनेट मेंबर चुनाव में 17 प्रत्याशी मैदान में है। 10 छात्र नेताओं को अयोग्य घोषित कर रेस से बाहर कर दिए गए है। इधर स्क्रूटनी एवं नाम वापसी के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा जारी की गई प्रत्याशियों की सूची पर अयोग्य करार दिए गए नेताओं ने जमकर हमला बोला। कुछ छात्र नेता कोर्ट जाने की चेतावनी दे रहे है।
यूनियन हॉल के पास जमकर हंगामा हुआ। अधिकारियों के खिलाफ अयोग्य करार दिए नेता एवं उनके समर्थकों ने जमकर भड़ास निकाली। मौके पर प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान दल-बल के साथ पहुंचे तो जाकर मामला शांत हुआ। बाद में कुछ छात्र नेता वीसी लॉज एवं प्रशासनिक ब्लाक भी अपना दुखड़ा सुनाने गए लेकिन कही ने उन्हें राहत नहीं मिली।