मैरिस रोड स्थित सरकारी भूमि का बैनामा कराकर उस पर अपार्टमेंट बनाने की आरोपी फर्म जादौन इंफ्राटेक और उसके मालिकान - साझीदारों पर दर्ज मुकदमा ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) को भेजा जाएगा। इस संबंध में जिला पुलिस ने रिपोर्ट तैयार कर ली है और यह रिपोर्ट डीजीपी को भेजी जा रही है। डीजीपी स्तर से मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू को सौंपी जाएगी। चूंकि यह प्रकरण 50 लाख से अधिक का है इसलिए इसे वहां भेजा जा रहा है। एडीए से भी इसकी कीमत के आंकलन का ब्योरा मांगा गया है।
जादौन इंफ्रोटक और उनके पार्टनर योगेंद्र सिंह बंटी, सुनील चौहान, अर्जुन सिंह फकीरा, पूर्व विधायक दलवीर सिंह के पौत्र विजय सिंह, सुनीता देवी, प्रदीप कुमार, प्रमोद कुमार, अशनीत पाल सिंह, परमजीत सिंह, राजेंद्र पाल सिंह आदि पर 13 मई को लेखपाल की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसमें आरोप है कि डीएम के नाम दर्ज जमीन का बैनामा कराकर अपार्टमेंट का निर्माण कराया जा रहा है। करीब 90 करोड़ से अधिक कीमत के इस प्रोजेक्ट पर मुकदमा दर्ज होने के अगले दिन एडीए द्वारा सील लगाने की कार्रवाई की गई है। हालांकि आरोपी पक्ष का कहना है कि उन्होंने बैनामा सही कराया है और नियमानुसार सभी तरह की एनओसी लेकर निर्माण शुरू किया है। इसी कड़ी में सिविल लाइंस में दर्ज इस मुकदमे में जो अपराध है, उससे जुड़ी संपत्ति की कीमत कई करोड़ में है। इसलिए नियमानुसार ऐसे अपराध की जांच पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा कराई जाती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इसी प्रक्रिया के तहत थाने से मुकदमे को ईओडब्ल्यू भेजने के लिए रिपोर्ट एसएसपी कार्यालय भेज दी है। जिसमें मुकदमे की विवेचना ईओडब्ल्यू को भेजे जाने का अनुरोध है।