प्रधानों ने आरोप लगाया कि लोकपाल एक राजनीतिक व्यक्ति हैं और अनुचित लाभ के चक्कर में प्रधानों पर दबाव डाल रहे हैं। पूर्व के उनके फैसलों को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। प्रधानों ने मांग की कि इसकी निष्पक्ष जांच हो और लोकपाल की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाए।
अलीगढ़ जिले के ग्राम प्रधानों ने मनरेगा लोकपाल विकास वार्ष्णेय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रधानों ने लोकपाल पर गंभीर आरोप लगाया है। 7 नवंबर को प्रधानों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
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प्रधान संघ के अध्यक्ष बनी सिंह ने कहा कि लोकपाल शिकायतकर्ताओं के दबाव में आकर प्रधानों के खिलाफ अनुचित रिकवरी के आदेश जारी कर रहे हैं। साथ ही प्रधानों के साक्ष्य और बयानों को नजर अंदाज कर शिकायतकर्ता के पक्ष में जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कहा कि लोकपाल की अनुचित जांच के कारण प्रधानों की साख पर असर पड़ रहा है, उनकी छवि खराब हो रही है।
प्रधानों ने आरोप लगाया कि लोकपाल एक राजनीतिक व्यक्ति हैं और अनुचित लाभ के चक्कर में प्रधानों पर दबाव डाल रहे हैं। पूर्व के उनके फैसलों को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था। प्रधानों ने मांग की कि इसकी निष्पक्ष जांच हो और लोकपाल की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाए। इस मौके पर राजेश कुमार, प्रेमपाल सिंह, सुभाषचंद्र, डोरीलाल, विजय कुमार, रमेश कुमार, नरेशपाल सिंह, श्याम बाबू, पुष्पेंद्र, प्रीति सिंह, मनोज सिंह, ओम प्रकाश आदि मौजूद रहे।