प्रशासनिक अधिकारियों के बड़े बड़े दावों की हवा तीन दिन में ही निकल गई है और अभी 26 दिन का लंबा रमजान बाकी है। रमजान में बिजली आपूर्ति की बेहतर व्यवस्था का दावा करने वाले बिजली विभाग की लापरवाही से अंधेरे में हो रहे रोजा इफ्तार और सहरी में खासी परेशानी हो रही है।
आलम ये है कि शुक्रवार को रमजान के पहले जुमे के मौके पर रोजेदारों ने ऊपरकोट जामा मसजिद पर बिजली विभाग को जम कर कोसा। भीषण गर्मी और उमस से रोजेदारों की हालात खराब थी। यहां से शहर मुफ्ती के प्रतिनिधि गुलजार अहमद ने जब बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर बीएस गंगवार को फोन मिलाया तो फोन पर भी बात नहीं हो पाई। व्यस्तता के कारण चीफ इंजीनियर का फोन नहीं उठा। जिस पर आक्रोश और बढ़ गया। ऊपरकोट, देहलीगेट, शाहजमाल, एडीए कालोनी शाहजमाल, तुर्कमान गेट, घास की मंडी, ईदगाह सहित कई मुसलिम बहुल्य इलाकों में शुक्रवार दोपहर 12 से 3 बजे तक बिजली नहीं आई जिससे जुमे की नमाज की तैयारी करने और नमाज अदा करने में बहुत दिक्कत हुई। कई मसजिदों में पंखे नहीं चले तो कूलर भी बंद रहे।
गर्मी और भीषण उमस में हालात और खराब हो गए। शहर मुफ्ती मो.खालिद हमीद ने भी इस अव्यवस्था पर खासी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि रोजेदारों को सुविधा देने की जिम्मेदारी सरकारी महकमों की है और अफसोसजनक बात है कि उनके अधिकारी बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे परेशानी बढ़ती जा रही है। इधर, जुमे की नमाज के बाद रोजेदारों और नमाजियों ने घर परिवार के लिए खरीदारी करने के बाद शाम के अफ्तार की तैयारियां शुरू कर दी है। बाजारों में सबसे ज्यादा बिक्री आम, दूध, सेवईयां, सूतफेनी और सुपाच्य खाद्य पदार्थों की हो रही है।