सोमवार को तेज आंधी और बारिश। मंगलवार को तेज हवाएं और बूंदाबांदी। इसके बाद बुधवार शाम को अचानक आई जबरदस्त तेज आंधी ने सब कुछ धूल धूसरित कर दिया। आंधी इतनी तेज थी कि कई बिजली के खंभे टेढ़े हो गये।
कई जगहों पर तार टूट गये। सारसौल से आपूर्ति देने वाले बिजली के कई तार टूट गए जिससे आधे से ज्यादा शहर में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। गांधीपार्क बिजली घर के सप्लाई फ ीडर पर पेड़ गिर जाने से कई जगह की बिजली चली गई।
बन्ना देवी में बिजली का खंभा पेड़ पर झुक गया। डीएम आवास, दीवानी कचहरी, कलक्ट्रेट, अनूपशहर रोड, कठपुला, रसलगंज, सराय हकीम, बारहद्वारी, पत्थर बाजार, जमालपुर, शाहजमाल, शाहकमाल रोड, रामघाट रोड, मैरिस रोड, सेंटर प्वाइंट, नौरंगाबाद, रघुवीरपुरी, रेलवे रोड, ऊपरकोट, तालानगरी, क्वार्सी चौराहा सहित कई इलाकों में होर्डिंग्स पर लगे बैनर फट गए। हल्के होर्डिंग्स उखड़ कर तितर बितर हो गये। दुकानों के आगे लगे तिरपाल फट गये। सड़क पर लगी छोटी दुकानों पर सब सामान बिखर गया।
खानेपीने के आइटम धूल से बेस्वाद हो गये। इस दौरान लगभग डेढ़ दर्जन बिजली के फीडरों पर ब्रेकडाउन कर दिया गया। जिससे आधे से ज्यादा शहर अंधेरे में डूब गया। धूल के बाद अचानक बूंदाबांदी और हल्की बारिश के तेज छींटों ने गंदगी बढ़ा दी। हालांकि इससे दिन की उमस से राहत भी मिली।
इधर, हाईवे से लेकर अंदरुनी सड़कों तक यातायात ठहर गया। दोपहिया वाहन सवार किसी दुर्घटना के डर से जहां के तहां ही ठहर गये। देर रात तक अलग-अलग फीडरों से जुड़े इलाकों की सप्लाई लाइन को चेक करने और उसको चालू करने का काम होता रहा।
बिजली विभाग ने एक दर्जन से अधिक टीमों को इस काम में लगाया। देहात में भी बिजली की सप्लाई ठप रही। आंधी के कारण कुछ स्थानों पर कई नामीगिरामी कंपनियों के मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित रहे। लोग बात नहीं कर पाए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भीषण गरमी, हवा का दबाव बना रहा तो ऐसी आंधी फिर से आ सकती है। इसी के साथ हल्की बूंदाबांदी और प्रीमानसून की बारिश हो सकती है।