हरदुआगंज तापीय परियोजना की यूनिट नंबर सात के फाउंडेशन में क्रेक आ गया है, जिसके चलते इस यूनिट को बंद कर दिया गया है। इस यूनिट का निर्माण भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड ने किया था। परियोजना प्रशासन ने यूनिट के स्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के लिए बीएचईएल के अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन वहां से कहा गया है कि पहले उनका बकाया भुगतान किया जाए, इसके बाद वह आगे विचार करेंगे। इस प्रक्रिया में उलझकर करीब 110 मेगावाट की इस यूनिट का उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है।
हरदुआगंज तापीय परियोजना की सात नंबर यूनिट को तैयार करने के बाद जब ऑपरेट किया तो पाया गया कि फाउंडेशन में क्रेक होने के चलते बहुत ज्यादा वाइब्रेशन हो रहा है। इसके बाद यूनिट को चलाने का जोखिम नहीं लिया गया।
हालांकि परियोजना प्रशासन का तर्क है कि जरूरत नहीं थी, इसलिए यूनिट को बंद किया गया। क्रेक को दूर करने के लिए भारत हैवी इलेक्ट्रिकल की टीम को बुलाया गया, लेकिन उन्होंने पुराने बकाये को अदा करने की मांग रख दी। अब प्रशासन का दावा है कि यूनिट को अगले 12 से 14 दिनों में दुरुस्त कर लिया जाएगा।
रखी थी बंद यूनिटों को चालू करने की मांग
बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को मुख्य अभियंता कार्यालय पर कार्य बहिष्कार करते हुए धरना दिया था। इसमें एक मांग यह भी रखी गई थी कि निजी बिजली घरानों से बिजली खरीदना बंद किया जाए और उत्तर प्रदेश सरकार की जो तापीय विद्युत परियोजनाओं जैसे ओबरा, पनकी आदि की बंद पड़ी यूनिटें हैं, उनको चालू किया जाए। अब हरदुआगंज की यूनिट का खराब होना कर्मचारियों की मांगों के मजबूत आधार की ओर इशारा करता है।