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अलीगढ़: 93.97 करोड़ से लगेगा आलू प्रोसेसिंग प्लांट, यूरोप जाएंगे सूप-स्नैक्स, किसानों को मिलेगा स्थानीय बाजार

Thu, 01 Oct 2026 12:51 PM IST
Chaman Kumar Sharma दीपक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

आलू प्रोसेसिंग यूनिट शुरू होने से जिले के आलू उत्पादक किसानों को स्थानीय स्तर पर औद्योगिक खरीदार मिलने की उम्मीद है। इससे कच्चे आलू की जगह प्रसंस्कृत उत्पाद के रूप में इसकी वैल्यू बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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आलू को छांटते श्रमिक - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अलीगढ़ जिले में आलू की खेती और इससे जुड़े कारोबार को नई दिशा देने के लिए 93.97 करोड़ रुपये की लागत से आलू प्रोसेसिंग की नई यूनिट स्थापित की जा रही है। इनवेस्ट यूपी के तहत गभाना के श्यामपुर गांव के पास प्लांट का निर्माण शुरू हो चुका है। यहां तैयार किए गए सूप और स्नैक्स यूरोप तक भेजे जाएंगे।

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यहां मुख्य रूप से पोटैटो फ्लैक्स तैयार किए जाएंगे, जिनका इस्तेमाल स्नैक्स, सूप, बेकरी और विभिन्न रेडी-टू-ईट खाद्य उत्पादों में किया जाता है। एआई मशीनों के साथ तैयार उत्पादों को यूरोप और दक्षिण एशियाई देशों तक भेजे जाने की योजना है।इनवेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद ने जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त को पत्र भेजकर प्लांट स्थल का भौतिक सत्यापन कर वर्तमान स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। यह परियोजना प्रदेश सरकार की औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत प्रोत्साहित की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह जिले में पोटैटो प्रोसेसिंग से जुड़ा दूसरा प्लांट होगा।

खेत से तैयार उत्पाद तक ऐसे होगा आलू का सफर 
प्लांट में किसानों से प्राप्त आलू को सबसे पहले गुणवत्ता के आधार पर छांटा जाएगा। इसके बाद आलू की धुलाई और सफाई की जाएगी। मिट्टी और अन्य बाहरी गंदगी हटाने के बाद आलू की ग्रेडिंग होगी। इसके बाद आलू को मशीनों के माध्यम से छीलकर काटा जाएगा और पकाया (कुक) जाएगा। पके हुए आलू को नियंत्रित प्रक्रिया के तहत मैश किया जाएगा। इसके बाद इसे पतली परत के रूप में सुखाया जाएगा। नमी नियंत्रित तरीके से सूखने के बाद तैयार परतों को तोड़कर फ्लैक्स का रूप दिया जाएगा। गुणवत्ता जांच के बाद इन फ्लेक्स की पैकिंग की जाएगी। पोटैटो फ्लेक्स को बाद में खाद्य कंपनियां अपने उत्पादों के अनुसार इस्तेमाल कर सकती हैं।

प्लांट का निर्माण शुरू हो चुका है। यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है। विभागीय टीम जल्द ही स्थलीय निरीक्षण भी करने जा रही है। - एसपी यादव उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र

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क्या है पोटैटो फ्लैक्स
पोटैटो फ्लेक्स आलू को पकाकर, मैश करके और नियंत्रित तापमान पर सुखाकर तैयार किए जाने वाला एक प्रसंस्कृत उत्पाद है। इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और खाद्य उद्योग में कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इससे स्नैक्स, सूप, बेकरी उत्पाद और कई तरह के इंस्टेंट एवं रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं।

सटीक तरीके से होगी गुणवत्ता की निगरानी
प्रस्तावित प्लॉट में आधुनिक मशीनरी का इस्तेमाल किया जाएगा। प्लांट की उत्पादन प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक का इस्तेमाल किए जाने की योजना है। इससे उत्पादन की गुणवत्ता, तापमान, नमी और अन्य जरूरी मानकों की निगरानी अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी। प्लांट में तैयार उत्पादों की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप रखने पर जोर दिया जाएगा। इसके चलते स्थानीय स्तर पर उत्पादित आलू को प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद में बदलकर बड़े बाजार तक पहुंचाने का रास्ता खुलेगा।

किसानों को मिलेगा स्थानीय बाजार
आलू प्रोसेसिंग यूनिट शुरू होने से जिले के आलू उत्पादक किसानों को स्थानीय स्तर पर औद्योगिक खरीदार मिलने की उम्मीद है। इससे कच्चे आलू की जगह प्रसंस्कृत उत्पाद के रूप में इसकी वैल्यू बढ़ाने में मदद मिल सकती है। साथ ही प्लांट के संचालन, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, परिवहन और अन्य गतिविधियों में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
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