कोरोना कर्फ्यू में आलू कोल्ड स्टोरेज में लॉक होकर रह गया है। इस साल मात्र एक फीसदी आलू की निकासी हो सकी है। जबकि पिछले साल मई में 6 से 7 फीसदी आलू कोल्ड स्टोरेज से बाहर आ गया था। यदि कोरोना कर्फ्यू अगले माह भी जारी रहा तो किसानों को आर्थिक तौर पर मुश्किल होगी।
हर साल अप्रैल व मई से आलू के सौदे होने शुरू हो जाते हैं। यह क्रम जून में तेज हो जाता है। साथ ही कोल्ड स्टोरों से आलू की थोड़ी बहुत निकासी शुरू हो जाती है। जुलाई से आलू की निकासी तेज हो जाती है। लेकिन इस बार कोरोना ने स्थिति बिगाड़ दी है। इसके चलते मई में कोल्ड स्टोरों से मात्र एक फीसदी आलू की निकासी ही सकी है। अलीगढ़ कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष गिर्राज गोदानी ने बताया कि यदि कोरोना कर्फ्यू अगले माह भी जारी रहा तो किसानों के सामने विकट हालात खड़े हो जाएंगे।
61 हजार मीट्रिक टन अधिक हुआ है उत्पादन
जिला उद्यान अधिकारी एनके सहानिया ने बताया कि इस बार जिले में आलू का उत्पादन 8.56 लाख मीट्रिक टन हुआ है, जो पिछले सीजन के मुकाबले करीब 61000 मीट्रिक टन ज्यादा है। बताते चलें कि पिछले सीजन में 30 हजार हेक्टेयर वाले आलू उत्पादन क्षेत्र में 7.95 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ था।
यह है स्थिति
कोल्ड स्टोरेज - 106, 101 चालू
भंडारण क्षमता - 9 लाख मीट्रिक टन
वर्तमान में भंडारित आलू - 8.47 लाख मीट्रिक टन