जम्मू कश्मीर में तैनात फौजी भाइयों की कलाई इस बार सूनी रहेगी। केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 को निष्क्रिय किए जाने के बाद वहां के मौजूदा हालातों को देखते हुए डाक विभाग ने जम्मू कश्मीर के लिए डाक, पार्सल, स्पीड पोस्ट आदि की बुकिंग बंद कर दी है। इसके चलते बहनें देश की सुरक्षा में तैनात अपने फौजी भाइयों को राखी व संदेश आदि नही भेज पा रही हैं। प्रधान डाकघर अलीगढ़ से कई लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
डाक विभाग मुख्यालय की ओर से बुकिंग बंद करने के संबंध में आदेश जारी किया गया है। प्रधान डाकघर अलीगढ़ के अधिकारी सख्ती से निर्देशों का पालन करने में लगे हैं। इस आदेश का सबसे अधिक असर बहनों पर पड़ा रहा है। जिले के करीब एक दर्जन से अधिक सैनिक जम्मू कश्मीर में तैनात बताए जाते हैं। इन सबकी बहने हर वर्ष रक्षाबंधन पर राखी व मिठाई आदि डाक व कोरियर आदि से भेजती हैं व संचार सेवा के माध्यम से संदेश भेजती हैं, लेकिन इस बार जिले में फौजियों की बहनें मजबूर हैं।
निजी कोरियर सेवा भी बंद
जिला मुख्यालय पर संचालित निजी कोरियर सर्विस वालों का भी कहना है कि उनकी सर्विस की ओर से भी जम्मू कश्मीर में डाक व पार्सल आदि की बुकिंग नही की जा रही है, क्योंकि वहां तक डाक नही पहुंच पा रही है।
रक्षा बंधन पर डाक बांटने को लेकर असमंजस में विभाग
रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस का संयोग से एक ही दिन होना डाक विभाग के लिए सिर दर्द बन गया है। स्वतंत्रता दिवस की सरकारी छुट्टी होने के चलते विभाग अभी तक यह निर्णय नहीं ले पाया है कि डाकिये राखी वाली डाकों को रक्षाबंधन के दिन भी बांटेंगे या नहीं। डाक विभाग के अधिकारियों की मानें तो विभाग में मुख्यालय स्तर से ही इस बात का निर्णय लिया जाना है। मगर, अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। स्थानीय अधिकारी इस बात को लेकर भी परेशान हैं कि अगर बहनों की राखी समय से भाइयों की कलाई पर नहीं बंधी तो डाकियों पर कार्रवाई भी हो सकती है। इसके लिए राखी वाली डाकों को पहले बांटने का काम किया जा रहा है।
मुख्यालय से आदेश आने के कारण जम्मू कश्मीर के लिए डाक, पार्सल व रजिस्ट्री की बुकिंग आगामी आदेश तक बंद कर दी गई है। फि लहाल जिले में जितनी भी सामान्य व डिब्बे में प्राप्त होने वाली डाक आ रही हैं। उन्हें मुख्यालय भेजा जा रहा है।
- एसपी पांडेय, एसएसपीओ