4 जून को लोकसभा चुनाव की मतगणना होनी है। मतगणना वाले दिन ईवीएम से पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी। एआरओ, सुपरवाइजर्स एवं गणना पर्यवेक्षकों को इसका प्रशिक्षण दिया गया है।
4 जून को होने वाली मतगणना में सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी, उसके बाद ईवीएम से वोटों की गिनती होगी। पोस्टल बैलेट की गिनती के लिए एआरओ, सुपरवाइजर्स एवं गणना पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कलेक्टर सभागृह में एडीएम न्यायिक एवं प्रभारी पोस्टल बैलेट की अध्यक्षता में हुआ। प्रशिक्षण में सेवा निर्वाचकों के पोस्टल बैलट पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन करने के बारे में भी ट्रेनिंग दी गई।
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हरे और लाल रंग में रखे जाएंगे पोस्टल बैलेट
एडीएम न्यायिक अखिलेश कुमार ने पोस्टल बैलेट गणना प्रक्रिया के बारे में बताया कि सबसे पहले गणना कार्मिक लॉगिन आईडी करने के उपरांत फार्म 13सी या कवर लिफाफे के ऊपर अंकित क्यू आर कोड को स्कैन करेंगे, फिर कवर लिफाफा को फाड़ेंगे, उसमें 13ए (घोषणा पत्र) निकलेगा, जिसमें अंकित दो क्यू आर कोड को स्कैन किया जाएगा। फिर 13बी (मतपत्र) में लगे बारकोड को स्कैन किया जाएगा। तीनों प्रपत्र पर लिखे सीरियल नम्बर को गणना कार्मिक अनिवार्यता से अंकित करेंगे। 13 सी, 13 ए और 13 बी को स्कैन करने के उपरांत मतपत्र को उसी प्रकार से रख कर हरे रंग की टोकरी में रख देंगे। अस्वीकृत मतपत्र लाल रंग की टोकरी में रखे जाएंगे। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अस्वीकृत मतपत्र बिना एआरओ से अनुमति प्राप्त कर लाल टोकरी में नही रखा जाएगा।
सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती
पोस्टल बैलेट की गणना ईवीएम में पड़े मतों की गणना से पहले ही पूरी की जाएगी। एडीएम न्यायिक अखिलेश कुमार नं बताया कि अभी तक 2600 डाक मतपत्र प्राप्त हुए हैं, जिनकी गणना के लिए 12 टीम बनाई गई हैं। यदि डाक मतपत्र की संख्या बढ़ती है तो कर्मिकों और टेबल की संख्या को भी बढ़ाया जा सकता है। डाक मतपत्रों की गणना आरओ टेबल पर पृथक से की जाएगी। डाक मतपत्रों की गणना के लिए 12 टेबल पर स्कैनिंग का कार्य होगा, जिस पर एक प्रत्याशी का एक ही एजेंट रहेगा।