डाक जीवन बीमा की शुरुआत सन 1884 में हुई थी। 1888 में टेलीग्राफ विभाग के कर्मचारियों को इस बीमा के दायरे में लाया गया। पूर्व में यह सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए थी। लेकिन अप्रैल 2023 से यह योजना सभी स्नातक लोगों के लिए खोल दी गई।
ब्रिटिश काल में शुरू किए गए डाक जीवन बीमा को पिछले साल आम लोगों के लिए खोला गया था। कम प्रीमियम में अधिक बोनस का दावा ग्रामीणों को खूब भा रहा है। अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक 2836 ग्रामीणों ने डाक जीवन बीमा कराया है, जबकि शहरी क्षेत्र में 1617 लोगों ने बीमा कराया है।
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डाक जीवन बीमा की शुरुआत सन 1884 में हुई थी। 1888 में टेलीग्राफ विभाग के कर्मचारियों को इस बीमा के दायरे में लाया गया। पूर्व में यह सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए थी। लेकिन अप्रैल 2023 से यह योजना सभी स्नातक लोगों के लिए खोल दी गई। यह बीमा दो प्रकार का है, पहला डाक जीवन बीमा (पीएलआई) और दूसरा ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलई) है। ग्रामीण डाक जीवन बीमा में ग्रामीण अच्छी खासी रुचि दिखा रहे हैं। डाक जीवन बीमा निगम के विकास अधिकारी दीपक यादव ने बताया कि इस बीमा की गारंटी भारत सरकार लेती है।
पिछले चार माह की स्थिति माह पीएलई आरपीएलई
मार्च 337 659
अप्रैल 44 255
मई 134 254
जून 254 605
लोग डाक बीमा में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वाधिक लोग बीमा करा रहे हैं। इस बीमा की गारंटी खुद भारत सरकार लेती है।- विनय वार्ष्णेय, प्रवर डाकपाल, प्रधान डाकघर।