दिवाली पर आतिशबाजी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां केवल देश की राजधानी दिल्ली में ही नहीं उड़ीं। हर तरफ आतिशबाजी हुई। कुछ अपवादों को छोड़ दें तो प्रदूषण में इजाफा हुआ। अलीगढ़ में भी इस साल प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। वायु प्रदूषण ही नहीं शहर में ध्वनि प्रदूषण में बढ़ोतरी का दावा किया जा रहा है।
दिवाली पर रेस्परेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर (आरएसपीएम) 407 माइक्रोन प्रति क्युबिक मीटर रिकॉर्ड किया गया। पिछली साल के मुकाबले यह 27 माइक्रोन प्रति क्युबिक मीटर अधिक है।
वायु प्रदूषण की खतरनाक स्थिति को देखते हुए ही सुप्रीम कोर्ट ने रात 10 बजे तक ही आतिशबाजी करने का निर्देश दिया था लेकिन शहर में लोगों ने उसकी परवाह नहीं की। लोगों ने रात 10 बजे के बाद भी खूब पटाखे चलाए।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि हवा में नमी के कारण वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। अगर हवाएं चलने लगें तो प्रदूषण और स्मॉग दोनों में कमी आ सकती है।