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सियासी दांवपेच के बाद आरोपों की झड़ी

Fri, 15 Sep 2017 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के मामले को लेकर आरोपों का दौर शुरू हो गया है। नीटू विरोधी सदस्यों ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारी उन पर दबाव डाल रहे हैं। 
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विरोधी धड़े का आरोप है कि गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने वार्ड 27 की सदस्य डा. सुलेखा के पति के गोरई स्थित क्लीनिक को सीज करने की धमकी दी। इसी तरह शिक्षा विभाग के एक अधिकारी पर भी दबाव डालने का आरोप लगा है। 

आरोप के मुताबिक सदस्य अजीत गौड़ के मानपुर कलां गांव स्थित महाविद्यालय एवं सदस्य अनिल राना के हरदोई स्थित विद्यालय की मान्यता रद्द कराने की धमकी दी गई है। सदस्यों ने बताया कि इस मामले में वे हाईकोर्ट जाकर इन अधिकारियों की शिकायत करेंगे। बात न बनने पर राज्यपाल को सामूहिक इस्तीफा सौंपा जाएगा।
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जिला पंचायत सदस्य दिनेश कुमार एड. ने बताया कि गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के कुछ लोग वार्ड 27 की सदस्य डा. सुलेखा के पति डा. हरचरन सिंह के क्लीनिक एवं अस्पताल पहुंचे और कहा कि बिना कागजात अस्पताल चलाते हो, इसे सीज कर दिया जाएगा। उस समय सदस्य के पति वहां नहीं थे। इससे घबराई सदस्य ने तत्काल फोन से सूचना देकर पति को बुलवाया। उन्होंने कागजात दिखाए तो वे यह कहते हुए चले गए कि क्यों अध्यक्ष से बेवजह पंगा ले रहे हो। समझौता कर लो। 

उन्होंने बताया कि विरोधी दल के अहम सदस्य अजीत गौड़ के गांव मानपुर कलां में संचालित पं. श्रीचंद मेमोरियल महाविद्यालय एवं एक अन्य सदस्य अनिल राना के गांव हरदोई में चल रहे डा. मोहनलाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को भी समझौता न करने पर मान्यता रद्द कराने की धमकी दी गई है।

सदस्य अजीत गौड़ ने डीएम पर अध्यक्ष के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि डीएम न्यायालय के आदेश के बावजूद अविश्वास प्रस्ताव की तारीख देने में आनाकानी कर रहे हैं। यही नहीं अफसरों के जरिए सदस्यों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

इस मामले में हम सभी हाईकोर्ट जाकर संबंधित अधिकारियों के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत करेंगे। यदि फिर भी दबाव की राजनीति जारी रही तो हम सभी विरोधी सदस्य एक साथ राज्यपाल के पास जाकर सामूहिक इस्तीफा सौंप देंगे। जिलाधिकारी के लखनऊ होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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