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फाइनेंस वसूली में सियासी सिफारिश, पुलिस झमेले में फंसी

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फाइनेंस वालों की वसूली टीम की सियासी सिफारिशों के चलते अकराबाद पुलिस झमेले में फंस गई है। एक तरफ से दबाव एक टीम के जरिये काम कराने का है तो दूसरी तरफ से दबाव दूसरी टीम से काम कराने का है। इस विवाद के बीच थाना प्रभारी का एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसे लेकर पूरे मामले में एसएसपी स्तर से एसपी क्राइम को जांच सौंपी गई है।
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वाकया इस तरह से है कि अकराबाद के पनैठी व नानऊ के पास वाहनों की फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट बैठते हैं। जिन वाहनों की किस्त टूट जाती हैं, ये उनसे किस्त वसूलते हैं। ये एजेंट अपने साथ इलाके के रंगबाज युवकों को बैठाते हैं। ताकि वसूली के काम में आसानी हो। इस वसूली से रंगबाजों को एक हिस्सा भी मिलता है। क्षेत्र में दो ग्रुप हैं, जिनमें आपस में टकराव भी हो जाते हैं। अकराबाद में दो माह पहले चार्ज ग्रहण करने वाले एसओ उमेश चंद्र के सामने जब टकराव के किस्से पहुंचे तो उन्होंने काम बंद करा दिया। इसमें एक गुट के पक्ष में सियासी सिफारिश पहुंची। दलील दी गई कि कोई गलत काम नहीं है।
इस पर एसओ ने काम शुरू करा दिया। इस पर दूसरे गुट ने दूसरे खेमे से सियासी सिफारिश कराई कि उसका काम बंद करा दो। मगर वह काम बंद नहीं हुआ। एसओ की इसी बातचीत का ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एसओ एक कंपनी के कर्मचारी से कह रहे हैं कि मैं आपके धंधे में झगड़ा नहीं होने दूंगा। उसके पक्ष में फलां नेता सिफारिश करते हैं। आपके लिए फलां। इस ऑडियो का एसएसपी ने संज्ञान लेते हुए पुलिस की भूमिका को लेकर एसपी क्राइम को जांच सौंपी है। एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि कोई कंपनी रुपये वसूल रही है। इसमें पुलिस की भूमिका क्या है, इसका सच आने पर ही आगे कार्रवाई तय होगी।
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