जिला पंचायत चुनाव के दौरान टिकट वितरण में उपेक्षित हुए बसपा नेता अब बागी होने वाले हैं। ये नेता लगातार दूसरे दलों के संपर्क में हैं और कभी भी किसी दल में जाने का एलान कर सकते हैं।
इन नेताओं का आरोप है कि टिकट वितरण के दौरान सही मुद्दे उठाने के बाद भी पार्टी के आलाकमान को गलत सूचनाएं देकर उनको जबरन निष्कासित कराया गया है। जिससे उनकी दशकों की निष्ठा प्रभावित हुई है। ऐसे में वह बसपा के साथ अब और काम नहीं कर सकते। अब वह किसी दूसरे दल के साथ काम करने का मन बना रहे हैं। अलीगढ़ में इसको लेकर बैठकों का दौर जारी है।
गौर हो कि जिला पंचायत चुनाव में टिकट वितरण के दौरान कुछ नेताओं ने जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह के सारसौल स्थित आवास में घुस कर मारपीट कर दी थी। मामला पुलिस तक पहुंचा और उसके बाद कई नेताओं का पार्टी से निष्कासन हो गया। इसके बाद से एक धड़ा पार्टी से बागी हो गया है। इस धड़े ने कई बार अपनी बात बसपा सुप्रीमो मायावती तक पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। कई महीना बीतने के बाद जब पार्टी आलाकमान ने उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया तो अब ये नेता किसी दूसरे दल में जाने की योजना बना रहे हैं। इन नेताओं में अलीगढ़, एटा, कासगंज सहित कुल पांच जिलों के वो नेता शामिल हैं, जो कभी बसपा की पहचान हुआ करते थे।