वर्तमान में अपराधियों का सत्यापन करने के लिए उनका पूरा रिकार्ड खंगालना पड़ता है। इसके लिए जिले के अन्य थानों की भी सहायता लेनी पड़ती है। हालांकि सीसीटीएनएस सिस्टम के तहत सभी के रिकार्ड कंप्यूटर में फीड रहते हैं। इसके बावजूद एप तैयार कराने का मकसद है, पुलिसकर्मी अपराधियों का डाटा हर समय अपने पास रखें। कभी किसी भगोड़े अपराधी से अचानक सामना होने पर उन्हें मौके पर ही पहचाना और पकड़ा जा सके। ऐसे मौके पर मोबाइल पर एप खोलते और अपराधी का नाम डालते ही पूरा विवरण आ जाएगा।
पहले चरण में जिले के अपराधियों का डाटा इस एप में शामिल होगा। इसके बाद आसपास के जिले मथुरा, हाथरस, आगरा, एटा, कासगंज, बुलंदशहर, बदायूं, गाजियाबाद के वांछित अपराधियों का डाटा इसमें डाला जाएगा। उनके पकड़े जाने पर उनका क्राइम रिकार्ड जानने में ज्यादा परेशानी नहीं होगा। इसका दूसरा मकसद भी है। चेकिंग के दौरान अक्सर अपराधी सामने आ जाते हैं। मगर सिपाही उसे पहचान नहीं पता और वह बचकर निकल जाने में सफल हो जाते हैं। मोबाइल पर रिकाड होने से उसे मौके पर ही पहचाना जा सकेगा।