गांव भीमपुर इब्राहिमपुर में 26 जनवरी को ग्राम पंचायत की भूमि पर डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगा दी गई थी। गत 28 जनवरी को पुलिस ने यह प्रतिमा हटा दी थी, जिस पर गांव में बवाल हो गया था। पथराव कर पुलिस के वाहन तोड़ दिए गए थे। आधा दर्जन बाइकों में आग लगा दी गई थी।
एसडीएम कोल व सीओ प्रथम 13 फरवरी को गांव भीमपुर इब्राहिमपुर में पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बैठक की। अनुसूचित जाति पक्ष से महिलाएं ही बैठक में पहुंची। दोनों अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया कि डॉक्टर आंबेडकर प्रतिमा हटाने पर हुए बवाल में किसी भी बेगुनाह को जेल नहीं भेजा जाएगा।
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गांव भीमपुर इब्राहिमपुर में 26 जनवरी को ग्राम पंचायत की भूमि पर डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगा दी गई थी। गत 28 जनवरी को पुलिस ने यह प्रतिमा हटा दी थी, जिस पर गांव में बवाल हो गया था। पथराव कर पुलिस के वाहन तोड़ दिए गए थे। आधा दर्जन बाइकों में आग लगा दी गई थी। थाना रोरावर पुलिस ने पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। इस घटना के बाद से अनुसूचित जाति के पुरुष गांव से भागे हुए हैं। गांव में उनके परिवार की महिलाएं ही रह रही हैं। बैठक में बघेल समाज के पुरुष तो मौजूद थे, अनुसूचित जाति की महिलाएं ही पहुंची।
एसडीएम कोल दिग्विजय सिंह ने महिलाओं से कहा कि कहा कि लोग वापस गांव में आए और पुलिस की मदद करें। निर्दोष लोगों को जेल नहीं भेजा जाएगा।सीओ मयंक पाठक ने कहा कि जो लोग भागे हुए हैं, वह पुलिस के पास आकर बताए कि वह बवाल में शामिल नहीं थे।