अलीगढ़ शहर में गार्डयुक्त व गेट बंद ये इकलौती हाउसिंग सोसाइटी नहीं है। इसके अलावा और भी कई ऐसी हाउसिंग सोसाइटी हैं, जो गेट बंद या गार्ड युक्त हैं। इनकी सुरक्षा की ये स्थिति है कि बदमाश इनमें घुसकर परिवार को बंधक बनाकर लूट कर ले जा रहे हैं तो बाकी का क्या होगा? ये अपने आप में सवाल है। अगर ऐसी कालोनियों की ये स्थिति है तो आम कालोनियों में कैसे हालात होंगे? ये भी अपने आप में सवाल है।
गार्ड सहित कई संदिग्ध हिरासत में, खंगाले जा रहे सीसीटीवी
ओजोन सिटी में हुई घटना को लेकर पुलिस स्तर से पड़ताल शुरू कर दी गई है। पहले क्रम में पुलिस ने सोसाइटी के थाने के सामने वाले गेट के एक गार्ड सहित आसपास के कुछ संदिग्ध हिरासत में लिए हैं। इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक सीसीटीवी खंगाले हैं। दिन भर सीसीटीवी खंगालने के बाद हालांकि कोई महत्वपूर्ण साक्ष्य पुलिस के हाथ नहीं लगा। इस आधार पर पुलिस मानकर चल रही है कि इस घटना को किसी करीबी, परिचित ने पूरी तरह रैकी कर अंजाम दिया है। जो सीसीटीवी से बचकर गया है।
बता दें कि मूल रूप से कासगंज बड़ा गांव निवासी बाबूलाल कुशवाह मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम में तैनात हैं। वे ओजोन सिटी में रहते हैं। घटना वाली रात उनके दोनों बेटे बंगलूरू में थे। घर में उनकी पत्नी सुनीता व छोटे बेटे अजय की साली नेहा व साला ओम मौजूद थे। तभी रात में घुसे बदमाश परिवार को बंधक बनाकर व मारपीट कर दस से पंद्रह लाख रुपये कीमत के जेवरात ले गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। जिसमें कुछ दिन पहले कुछ रिश्तेदारों के आने की बात भी सामने आई है। उसे भी जांच का हिस्सा बनाया है। उनसे भी पूछताछ की तैयारी है। इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह ने बताया कि सीसीटीवी से अभी चेहरे स्पष्ट नहीं हुए हैं। जांच की जा रही है।