एएमयू चुंगी पर जाम लगाकर हंगामा करते एएमयू छात्र छात्राएं।
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पुरानी चुंगी पर छात्रों को रोड पर धरना प्रदर्शन करने के दौरान रविवार रात एक बार फिर से 15 दिसंबर की रात जैसी तस्वीर बन गई थी। एक ओर हजारों की संख्या में नारेबाजी करते छात्र और उन्हें संभालने को तैनात फोर्स। मगर, दोनों ही ओर से धैर्य बरता गया। छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान एएमयू प्रशासन के खिलाफ ही नारेबाजी करते रहे। इधर, पुलिस भी मौके की नजाकत को देखते हुए छात्रों के सामने सिर्फ उनको बातों से समझाने तक ही सीमित रही। पुलिस का यह धैर्य काम भी आया और देर रात को धरना खत्म हो गया।
एएमयू छात्र अहमद मुर्तजा फराज पर शांति भंग की कार्रवाई होने के बाद छात्र उग्र हो गए। साढे़ छह बजे से छात्रों का एएमयू के पुरानी गेट पर जुटना शुरू हो गया। जैसे ही इस बात की सूचना पुलिस को लगी। तत्काल वहां आरएएफ, पीएसी सहित तमाम थानों और लाइन से फोर्स बुला लिया गया था। पुलिस अधिकारी अपने नेतृत्व में हर स्थिति से निपटने को तैयार थे।
करीब आठ बजे छात्रों की ओर से नारेबाजी तेज कर दी गई तो एक बार को टकराव की स्थिति बनी। मगर, पुलिस अधिकारियों ने धैर्य दिखाते हुए एएमयू के राजनीतिक विज्ञान संकाय के प्रोफेसर को छात्रों को समझाने को आगे कर दिया। उनके समझाने पर छात्र शांत तो हुए। मगर, धरने पर बैठे रहे। पुलिस ने छात्रों को समझाते हुए धरना खत्म करने की बात कही तो छात्र मानने को तैयार हो गए। देर रात को छात्र पुलिस के आह्वान पर धरना खत्म कर लौट गए।