एसीएम को ज्ञापन देते भाकियू भानु के प्रदेश महासचिव डॉ. शैलेन्द्र पाल सिंह।
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साथा चीनी मिल में नई यूनिट स्थापित किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। बुधवार को अलीगढ़ के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक अपनी यह मांग पहुंचाने की कोशिश कर रहे भारतीय किसान यूनियन भानु के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने क्वार्सी चौराहे पर रोक लिया। किसानों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। गुस्साए किसान पैदल ही सर्किट हाउस की ओर चल दिए। जानकारी पर पहुंचे एसीएम द्वितीय ने किसानों को समझाया। इसके बाद किसानों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा।
प्रदेश महासचिव डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने बताया कि वर्ष 1969 में साथा चीनी मिल की स्थापना की गई थी। तब से वर्ष 2005-06 तक जिले में 22 हजार हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की पैदावार होती थी। इसके बाद चीनी मिल की कार्य क्षमता में लगातार गिरावट आती गई। पिछले चार वर्षों से मिल में गन्ने की नाममात्र की पेराई हुई है। गन्ने की खरीद न होने से किसान परेशान हैं। इसके चलते गन्ने का रकबा भी घटकर मात्र 4500 हेक्टेयर रह गया है। ऐसे में सरकार की मंशा के अनुरूप किसान की आय दोगुनी तभी हो सकती है, जब गन्ने की फसल को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए नई चीनी मिल की स्थापना शीघ्र होनी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में रोबी ठाकुर, कुसुम सिंह, संजीव ठाकुर, बलवीर सिंह, ब्रजेश पाल सिंह समेत गन्ना किसान व कार्यकर्ता शामिल थे।