अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में बीते मंगलवार को हुए बवाल के बाद पुलिस कार्रवाई के विरोध में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएमयू), जामिया मिल्लिया इस्लामिया और स्टूडेंट इस्लामिक आर्गेनाइजेशन (एसआईओ) की ओर से दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन रखा गया था।
इसी प्रेस कांफ्रेंस में शामिल होने जा रहे एएमयू छात्रसंघ के उपाध्यक्ष हमजा सुफयान, कैबिनेट सदस्य फिरदौस एवं कासिम को पुलिस ने जांच-पड़ताल के नाम पर टप्पल में रोक लिया। इस वजह से तीनों लोग प्रेस कांफ्रेंस में शामिल नहीं हो पाए। वहीं, एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी एएमयू बाब-ए-सैयद पर आयोजित जुमे की नमाज एवं धरना सभा में शामिल होने दिल्ली से आ रहे थे। उन्हें लोधा में पुलिस ने जांच के नाम पर रोक लिया।
हमजा सुफयान ने बताया कि टप्पल के पास उन्हें चेकिंग के नाम पर काफी समय तक रोक दिया गया। इसकी वजह से वह प्रेस कांफ्रेंस में शामिल नहीं हो सके और वापस अलीगढ़ लौट आए। वहीं, मशकूर अहमद उस्मानी ने बताया कि पुलिस वाले ने पूछने पर बताया कि ऊपर के आदेश से रोका है। उन्होंने कहा कि चेकिंग के नाम पर काफी समय लगा दिया गया, जिसकी वजह से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकें।
लड़ाई को दूर तक ले जाने को तैयार एएमयू छात्र
एएमयू छात्र मौजूदा आंदोलन को दूर तक ले जाने को तैयार हैं। इसकी सहमति छात्रों ने यूनियन हॉल में आयोजित आम सभा (जीबीएम) में दी। एएमयू छात्र संघ कार्यकारिणी द्वारा गुरुवार को चार्टर ऑफ डिमांड जारी किया गया था। इसमें छात्रों पर दर्ज राजद्रोह का मुकदमा तुरंत वापस लेने की मांग की गई थी। छात्र नेता इसे विश्वविद्यालय के अधिकारियों को सौंप चुके हैं। इसमें एएमयू में आने वाले भाजपा नेता एवं कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज करने, निर्दोष छात्रों का निलंबन वापस लेने, एएमयू छात्रों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने और बीजेपी कार्यकर्ताओं को बुलाने वाले यूनिवर्सिटी छात्रों का निष्कासन करने की मांग की गई है।
जीबीएम में छात्रों ने चार्टर ऑफ डिमांड पर विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत के लिए छात्रसंघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, उपाध्यक्ष हमजा सुफयान, सचिव हुजैफा आमिर को अधिकृत किया। इसके साथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को खत लिखकर ज्यादती की शिकायत करने का निर्णय लिया गया। राजद्रोह का मुकदमा और प्रशासन की भूमिका को लेकर छात्रों में नाराजगी है। छात्रों का कहना था कि राजद्रोह का मुकदमा लगाकर एएमयू की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रों ने प्रस्ताव पारित कर कहा है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को दूर तक ले जाएंगे।
जीबीएम में दो छात्र नेताओं के बीच नोकझोंक
एएमयू छात्र संघ की आम सभा में दो छात्र नेताओं के बीच नोकझोंक हो गई। छात्र संघ के एक पूर्व पदाधिकारी अपनी उपलब्धियां गिना रहे थे। छात्रों ने दोनो को समझाकर शांत कराया।