अलीगढ़ महानगर के बन्नादेवी क्षेत्र के खैर रोड इलाके से अगवा की गई मेडिकल छात्रा चंद घंटों बाद ही मथुरा में मिल गई। उसके साथ ई-बस सेवा का कंडक्टर भी दबोचा गया। कंडक्टर उसे अपने चार दोस्तों के सहयोग से ले गया था। पांचों युवकों को पुलिस ने जेल भेजा है। वहीं युवती को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। जहां उसके बयान दर्ज कराने के बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
मूल रूप से अतरौली की युवती खैर रोड पर अपने भाई के साथ रहती है और यहां एक कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। शुक्रवार शाम उसके भाई ने पुलिस को यह सूचना दी कि युवती को कार सवार अगवा कर ले गए हैं। इस सूचना पर पुलिस हरकत में आई और सीसीटीवी व आसपास के घरों की जांच पड़ताल के बाद रात में ही तीन युवक दबोच लिए गए। उनसे पूछताछ के आधार पर उजागर हुआ कि वह जिस युवक के साथ गई है, वह उनका दोस्त है और ई बस सेवा में कंडक्टर है। युवती उसके साथ सहमति से गई है।
इस जानकारी के बाद पुलिस ने आसपास के जनपदों में कार नंबर के आधार पर उसकी चेकिंग शुरू कराई। इसी प्रयास में मथुरा में युवक युवती कार सहित पकड़ लिए गए। साथ में एक अन्य सहयोगी पकड़ा गया। उजागर हुआ कि कंडक्टर अपने चारों सहयोगियों की मदद से ही युवती को लेकर गया था। पकड़े गए युवकों में मुख्य आरोपी राहुल निवासी कोतवाली नगर हाथरस के अलावा बरला क्षेत्र के गांव सराय निवासी असलम गाजी, गोंडा क्षेत्र के डिगसारी निवासी गोविंद सिंह, राहुल का भाई विपिन चौधरी, हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र के टिकरीकला निवासी हजरत शामिल हैं।
सभी लोग एक साथ ई बस सेवा में काम करते हैं। एएसपी पुनीत द्विवेदी के अनुसार जिस कार से युवती को ले जाया गया था। वह भी बरामद हुई है। पांचों को जेल भेजा गया है। युवती अपनी मर्जी से गई थी। यह स्पष्ट हुआ है। अब उसे वन स्टाप सेंटर में रखा गया है। अब उसके बयान आदि कराए जाएंगे। इसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।