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Hathras Stampede: भगदड़ के बाद घटनास्थल से बाबा को किए गए थे कॉल... रिश्तेदार, करीबी और परिचितों तक से पूछताछ

Sat, 06 Jul 2024 10:24 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़/हाथरस

सार

हाथरस भगदड़ मामले में फरार आरोपियों की तलाश में एनसीआर सहित कई राज्यों में पुलिस की दबिश जारी है। आयोजकों और सेवादारों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को जिम्मा दिया गया है।
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साकार हरि बाबा - फोटो : Facebook/Narayan sakar Hari
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विस्तार
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हाथरस के सिकंदराराऊ हादसे में पुलिस का ऑपरेशन तलाश जारी है। घटना के मुख्य आरोपी एक लाख के इनामी देवप्रकाश मधुकर को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, अन्य पांच मुख्य सहयोगी और सेवादारों सहित सभी फरार लोगों की तलाश में टीमें दबिश दे रहीं हैं। एनसीआर सहित कई राज्यों तक टीमें दौड़ लगा रहीं हैं।
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इस ऑपरेशन में रेंज के चारों जिलों की एसओजी के अलावा एसटीएफ भी जुटी हुई है। आधा दर्जन टीमें अलग-अलग जिम्मेदारी के साथ काम कर रही हैं। वहीं, विवेचक टीम मामले में शनिवार को न्यायालय में गैरजमानती वारंट आवेदन करने की तैयारी कर रही है।

सिकंदराराऊ में दो जुलाई को हुए इस हादसे के बाद दर्ज मुकदमे में मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर को मुख्य आयोजक के तौर पर नामजद आरोपी बनाया गया। बाकी उसके अन्य साथी आरोपी हैं। मधुकर पर एक लाख रुपये का इनाम शासन स्तर से घोषित किया गया।
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मुकदमे में दो तरह से ग्रुपों में बांटकर टीमों को काम पर लगाया गया है। एक ग्रुप विवेचना का काम कर रहा है। जिसमें विवेचक टीम, साक्ष्य संकलन वाली टीम व लिखा पढ़ी के साथ-साथ अदालत की औपचारिकताएं करने वाली टीम शामिल हैं। दूसरे ग्रुप में चारों जिलों की एसओजी-एसटीएफ की कुल आधा दर्जन टीमें गिरफ्तारी अभियान में लगी हैं।

अब तक छह लोग जेल भेजे जा चुके हैं। मुकदमे में आयोजन मंडल के 78 लोग व अन्य 25 लोगों को मिलाकर सौ से ज्यादा लोगों की तलाश का काम चल रहा है। वहीं, देवप्रकाश के साथ मुख्य सहयोगियों के तौर पर पांच और नाम प्रकाश में आए हैं। जिनके नंबरों से बाबा को घटना के बाद कॉल किए गए थे।

इस तरह हो रही तलाश, अब तक पांच सौ से पूछताछ
गिरफ्तारी टीमों ने उन लोगों की तलाश पर फोकस किया है, जो घटनास्थल पर मौजूद थे। उनमें से कुछ लोग फरार हैं। जिन्होंने बाबा को कॉल किए थे। उनके रिश्तेदारों, करीबियों व परिचितों को पहले निशाने पर लिया जा रहा है। उनसे पूछताछ होती है। उनके संभावित ठिकाने जानने का प्रयास होता है। फिर आगे बढ़ती है। इस तरह से अब तक पांच सौ से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है।

वहीं दो सौ से अधिक मोबाइल नंबर सर्विलांस पर हैं। टीमों को अलग-अलग दिशाओं में रवाना किया गया है। दो टीमें अलीगढ़-आगरा मंडल जिलों में भ्रमण कर सुराग तलाश रहीं हैं। एक टीम एनसीआर में खोज में जुटी है। बाकी दो टीमें अन्य राज्यों और ऐसे ठिकानों पर जानकारी कर रही है, जहां बाबा के इशारे पर लोग छिप सकते हैं। या बाबा के कुछ ठिकानों पर भी जा सकते हैं।

 

बाबा को लेकर सिर्फ एसटीएफ कर रही काम
इस मामले में हालांकि बाबा को लेकर अभी तक किसी तरह का निर्णय नहीं लिया गया है। न तो मुकदमे में नाम शामिल किया गया है और न पूछताछ या जांच में बाबा का नाम सामने आया है। मगर, एसटीएफ बाबा को लेकर हर तथ्य पर काम कर रही है। इसी क्रम में एसटीएफ आगरा यूनिट ने बृहस्पतिवार को बाबा के मैनपुरी ठिकाने पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। वहां से दो गाड़ियां भी जब्त किए जाने की चर्चा है। मगर इसकी किसी भी स्तर से पुष्टि नहीं हुई है।

विवेचना टीम जुटा रही एक-एक साक्ष्य, बन रहे आधार
सीओ सिटी की अगुवाई वाली विवेचना टीम फॉरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य संकलन का काम कर रही हैं। साथ में ग्रामीणों, घायलों, चश्मदीदों की गवाही भी ली जा रही है। अब तक तीस से ज्यादा लोगों की गवाही की गई है। जो तथ्य गिरफ्तार छह आरोपियों ने स्वीकारें हैं, उन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। ये सभी तथ्य मुकदमे में आधार बन रहे हैं। उसी दिशा में जांच आगे बढ़ रही है। जिसमें सबसे बड़ा फोकस साजिश, जानबूझकर हरकत करना आदि सवालों पर काम हो रहा है।
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पुलिस की टीमों का गिरफ्तारी व विवेचना का काम जारी है। गिरफ्तारी के प्रयास में टीमें कई राज्यों में दौड़ रही हैं। वहीं विवेचक टीम साक्ष्य जुटा रही हैं। लोगों की गवाही ले रही हैं। ग्रामीण व घायल उसके खास पात्र हैं। वहीं मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।-शलभ माथुर, आईजी रेंज
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