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पुलिस की पाठशाला: आपका बच्चा गलत केस में फंस गया है.. ऐसे किसी कॉल के झांसे में न आएं

Thu, 10 Apr 2025 06:00 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ के खैर स्थित जवाहर नवोदय पीएम श्री विद्यालय में पुलिस की पाठशाला लगी। आईपीएस अरीबा नोमान ने कहा कि साइबर जगत में जागरूकता और सावधानी से ही बचाव संभव है। टेलीग्राम और मेटावर्स जैसी तकनीकें साइबर अपराधियों के लिए हथियार बन गई हैं। बच्चे इन टूल के इस्तेमाल के दौरान सावधानी बरतें तो सुरक्षित रहेंगे।
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खैर के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में अमर उजाला द्वारा पुलिस की पाठशाला - फोटो : संवाद
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विस्तार
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आपका बच्चा गलत केस में फंस गया है। हमने पकड़ लिया है। अगर अपने बच्चे को बचाना चाहते हैं तो रुपये जल्दी भेजें... अगर आपको भी इस तरह के फोन कॉल आते हैं तो झांसे में न आएं। यह साइबर अपराधी हो सकते हैं। ऐसी परिस्थिति में अपने बच्चे से एक बार संपर्क जरूर कर लें।

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यह बात भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी अरीबा नोमान ने 9 अप्रैल को खैर स्थित जवाहर नवोदय पीएम श्री विद्यालय में आयोजित अमर उजाला की पुलिस की पाठशाला में विद्यार्थियों से कही। उन्होंने बताया कि ऐसे फोन आने पर बच्चे से संपर्क खुद करें या उसके पास अपने किसी आदमी को भेज कर करें। साइबर अपराधी वॉइस क्लोनिंग कर परिवार के सदस्य की आवाज में बात कर आपको डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
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कार्यक्रम में जिला साइबर क्राइम सेल ने भी विद्यार्थियों को साइबर क्राइम और साइबर जगत में सुरक्षित रहने के तरीकों के विषय में बताया गया। इसमें कहा गया कि बच्चे अपने माता पिता को इसके लिए जागरूक करें। कार्यक्रम में अरीबा नोमान ने विद्याथियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने और जीवन में सकारात्मक रहने के विषय में भी प्रेरक संस्मरण साझा किए। उन्होंने कहा कि इस पीढ़ी के बच्चों को तो अपना जीवन साइबर जगत के साथ ही गुजारना है। इसलिए उनको साइबर सुरक्षा के प्रत्येक पहलू का जानकार होना बेहद जरूरी है।

आईपीएस अरीबा नोमान ने कहा कि साइबर जगत में जागरूकता और सावधानी से ही बचाव संभव है। टेलीग्राम और मेटावर्स जैसी तकनीकें साइबर अपराधियों के लिए हथियार बन गई हैं। बच्चे इन टूल के इस्तेमाल के दौरान सावधानी बरतें तो सुरक्षित रहेंगे।

कैसी भी स्थिति बन जाए माता-पिता या पुलिस को बताएं

कभी-कभी बच्चे सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों के साथ छेड़खानी हो जाने पर परेशान हो जाते हैं। इन तस्वीरों के आधार पर उनको ब्लैकमेल तक किया जाता है। अगर यह स्थिति किसी के साथ आए तो तनाव में आने की आवश्यकता नहीं है। वह अपने माता-पिता को वास्तविकता बता सकते हैं। वहां पर असहजता हो रही तो तो सीधे पुलिस के पास आ सकते हैं।

ऑफर के लालच में न फंसे
जिला साइबर क्राइम सेल के विपिन कुमार पाल ने बताया कि फ्रॉड तब होता है जब आपने ओटीपी शेयर किया हो या आपका फोन किसी और ने एक्सेस किया होता है। कोई ऐसा लिंक खोलते हैं जिससे आपके फोन का एक्सेस दूसरे के पास चला जाता है। इसके लिए जरूरी है कि ऑनलाइन आने वाले ऑफर के लालच में न फंसें। इसके अलावा साइबर ठग बच्चों की स्कॉलरशिप के ऑफर भेजते हैं। इनाम का लालच देते हैं। इससे वह बच्चों के माता-पिता को जाल में फंसाते हैं। कोई फोन पर आपसे कहता है कि अकाउंट लॉक हो रहा है। कनेक्शन काटा जा रहा है। बिल जमा नहीं किया तो गैस या कोई अन्य कनेक्शन कट जाएगा। इस तरह के फोन आने पर उनको नजरअंदाज करें।

बोले विद्यार्थी
आईपीएस भारत में पुलिस की सर्वोच्च सेवा है। मैं पढ़ाई कर इसमें जाना चाहती हूं। - मन्नु
पांच साल पहले ही भारतीय पुलिस सेवा में जाने का फैसला किया था। उसी तरह तैयारी कर रहा हूं। - यतेंद्र
अरीबा मैम मुझे बताएं कि आईपीएस बनने के लिए क्या क्लास में टॉपर होना ही बहुत जरूरी है। - आन्या
जब हम पुलिस की बात करते हैं तो जनता की सुरक्षा, सेवा प्रदान करना पुलिस का काम है। - अवधेश
कभी-कभी यह भी देखने में आता है कि प्रभावशाली व्यक्ति के पक्ष में आकर पुलिस भेदभाव कर देती है। - शिवानी
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इनके लिए मददगार रही व्यवस्था

मेरे चाचा के पास फोन आया जिसमें मेरे चचेरे भाई की आवाज में दूसरी ओर से एक व्यक्ति कह रहा था कि मुझे पुलिस ने पकड़ा है। ये लोग पैसे मांग रहे हैं। चाचा को कुछ शक हुआ। सत्यापन किया तो उनका बेटा उस समय स्कूल में था। - योगेश कुमार

साइबर क्राइम होने पर क्या करें
जवाहर नवोदय विद्यालय की शिक्षिका अनामिका ने पूछा कि साइबर क्राइम का शिकार होने पर क्या करें। इस पर आईपीएस अरीबा नोमान ने बताया कि सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करें। धैर्य रखें और निर्देशों का पालन करें। अनामिका ने बताया कि नोएडा से एटा जाते समय उनका पर्स बस में छूट गया था। हेल्पलाइन पर मदद मांगने पर पुलिस ने सहायता की और अगली चौकी पर पर्स उनको सौंपा गया।

ये रहे मौजूद
पुलिस की पाठशाला में विद्यालय के प्रिंसिपल ओमवीर सिंह, सुदेश कुमार तोमर, निर्मला कश्यप, राम समुज, नीलम, राजुल सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन सुमन राय ने किया।
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