कभी-कभी बच्चे सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों के साथ छेड़खानी हो जाने पर परेशान हो जाते हैं। इन तस्वीरों के आधार पर उनको ब्लैकमेल तक किया जाता है। अगर यह स्थिति किसी के साथ आए तो तनाव में आने की आवश्यकता नहीं है। वह अपने माता-पिता को वास्तविकता बता सकते हैं। वहां पर असहजता हो रही तो तो सीधे पुलिस के पास आ सकते हैं।
ऑफर के लालच में न फंसे
जिला साइबर क्राइम सेल के विपिन कुमार पाल ने बताया कि फ्रॉड तब होता है जब आपने ओटीपी शेयर किया हो या आपका फोन किसी और ने एक्सेस किया होता है। कोई ऐसा लिंक खोलते हैं जिससे आपके फोन का एक्सेस दूसरे के पास चला जाता है। इसके लिए जरूरी है कि ऑनलाइन आने वाले ऑफर के लालच में न फंसें। इसके अलावा साइबर ठग बच्चों की स्कॉलरशिप के ऑफर भेजते हैं। इनाम का लालच देते हैं। इससे वह बच्चों के माता-पिता को जाल में फंसाते हैं। कोई फोन पर आपसे कहता है कि अकाउंट लॉक हो रहा है। कनेक्शन काटा जा रहा है। बिल जमा नहीं किया तो गैस या कोई अन्य कनेक्शन कट जाएगा। इस तरह के फोन आने पर उनको नजरअंदाज करें।
बोले विद्यार्थी
आईपीएस भारत में पुलिस की सर्वोच्च सेवा है। मैं पढ़ाई कर इसमें जाना चाहती हूं। - मन्नु
पांच साल पहले ही भारतीय पुलिस सेवा में जाने का फैसला किया था। उसी तरह तैयारी कर रहा हूं। - यतेंद्र
अरीबा मैम मुझे बताएं कि आईपीएस बनने के लिए क्या क्लास में टॉपर होना ही बहुत जरूरी है। - आन्या
जब हम पुलिस की बात करते हैं तो जनता की सुरक्षा, सेवा प्रदान करना पुलिस का काम है। - अवधेश
कभी-कभी यह भी देखने में आता है कि प्रभावशाली व्यक्ति के पक्ष में आकर पुलिस भेदभाव कर देती है। - शिवानी
मेरे चाचा के पास फोन आया जिसमें मेरे चचेरे भाई की आवाज में दूसरी ओर से एक व्यक्ति कह रहा था कि मुझे पुलिस ने पकड़ा है। ये लोग पैसे मांग रहे हैं। चाचा को कुछ शक हुआ। सत्यापन किया तो उनका बेटा उस समय स्कूल में था। - योगेश कुमार
साइबर क्राइम होने पर क्या करें
जवाहर नवोदय विद्यालय की शिक्षिका अनामिका ने पूछा कि साइबर क्राइम का शिकार होने पर क्या करें। इस पर आईपीएस अरीबा नोमान ने बताया कि सबसे पहले हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करें। धैर्य रखें और निर्देशों का पालन करें। अनामिका ने बताया कि नोएडा से एटा जाते समय उनका पर्स बस में छूट गया था। हेल्पलाइन पर मदद मांगने पर पुलिस ने सहायता की और अगली चौकी पर पर्स उनको सौंपा गया।
ये रहे मौजूद
पुलिस की पाठशाला में विद्यालय के प्रिंसिपल ओमवीर सिंह, सुदेश कुमार तोमर, निर्मला कश्यप, राम समुज, नीलम, राजुल सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन सुमन राय ने किया।